बड़ी गंडक नदी का पानी ओवरफ्लो होने से कटाई भरपुरवा गांव में घुसा बाढ़ का पानी।स्रोत-सोशल मीडिया
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-बंधे पर उदास मन से बैठे बाढ़ पीड़ितों ने बयां किया दर्द
कुशीनगर। आंखों में उम्मीद,चेहरे पर बेबसी और आंखों में आंसू लिए एपी बंधे पर गांव के सामने घर की सामानों के साथ बैठी महिलाएं गंगा मईयां से बचाव की करती दिखीं। भूख से परेशान बच्चों को बिस्किट देकर कोई चुप करा रहा था तो कोई बेटी की हाथ पीला करने के लिए की गई तैयारियों के पानी बहने से बुझे मन से बैठा हुआ नजर आया।
खलवा चैनपट्टी गांव की संपतिया देवी से बाढ़ पर चर्चा की तो वह रोने लगीं। कहा, गंगा मईयां सब कुछ छीन लीहनी, मई में बेटे अजय की शादी तय थी। नोहे-दांते बटोर कर किसी तरह पक्का मकान बनाई थी। धान और गन्ने की फसल तैयार थी, शादी के लिए कुछ सामान की खरीदारी भी कर ली थी लेकिन बाढ़ ने अरमानों पर पानी फेर दिया। इसी गांव की बढि़या देवी अपने मकान की छत पर बैठ कर घर की रखवाली कर रही थीं,परिवार के बाकी सदस्य घर से सामान निकाल कर सुरक्षित बंधे पर लेकर जा रहे थे। बढि़या देवी ने बताया कि मई में बेटी सुंदरी की शादी तय की थी। ज्यादातर खरीदारी कर ली थी लेकिन बाढ़ में आंखों के सामने सब कुछ बर्बाद हो गया। अब तो दो वक्त की रोटी की चिंता है।