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शांति की करतूत सुनकर गांव का हर कोई अवाक

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धुरिया गांव में शांति का घर जहां गमजदा परिवार की महिलाएं। - फोटो : KUSHINAGAR
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शांति की करतूत सुनकर गांव का हर कोई अवाक
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कसया(कुशीनगर)। लखनऊ के केजीएमयू के चौथी मंजिल से कसया क्षेत्र के गांव निवासी शांति की तरफ से अपने जिगर के टुकड़े को फेंकने के पीछे वजह उसका मानसिक संतुलन ठीक न होना बताया जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि शांति से पूर्व में जन्मे तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इससे वह काफी परेशान रहती थी।
चार माह पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जन्म लिया बच्चा भी गंभीर रोग से ग्रसित हो गया। इलाज के लिए खेती को भी बंधक रख दिया है। परिवार का भरण-पोषण मजदूरी के सहारे चल रहा है। घर की हालत ठीक नहीं है। इसी को लेकर मंगलवार की सुबह केजीएमयू में इलाज के दौरान जिगर के टुकड़े को चार मंजिल से फेंक दिया और बच्चे के लापता होने की शिकायत कर अस्पताल में बवाल खड़ा कर देना, उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने की ओर इशारा कर रहा है। खैर अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जब सीसीटीवी फुटेज की निगरानी की तो उसमें वह बच्चे को फेंकते हुए दिख रही थी। इसकी सूचना पुलिस को देकर अस्पताल प्रशासन ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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शांति की शादी वर्ष-2013 में धुरिया निवासी रामऔतार के दूसरे बेटे राजन से हुई थी। परिजनों के मुताबिक शादी के बाद शांति ने तीन बच्चों को जन्म दिया, लेकिन बीमारी के चलते कोई बच्चा जीवित नहीं बचा। शांति ने 23 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चौथे बच्चे को जन्म दिया, जो पैदा होते ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो गया। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज से शुरू हुआ, लेकिन फायदा नहीं हो पा रहा था। चिकित्सकों ने बच्चे की हालत चिंताजनक बताकर लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया। 26 मई को केजीएमयू में इलाज के लिए भर्ती किया कराया गया था। इलाज चल ही रहा था कि शांति ने उसे अस्पताल की चौथी मंजिल से फेंक दिया। हालत यह है कि बच्चे के इलाज के लिए उसके हिस्से की खेती भी बंधक रख दी गई है। परिवार का भरण-पोषण पति राजन मजदूरी कर चला रहा है। परिवार मुफलिसी से परेशान है। घटना के दूसरे दिन गांव में शांति के तीन बच्चों की पूर्व में हुई मौत चर्चा का विषय बना रहा। लोग यह कह रहे थे कि मां ने तीन बच्चों की मौत और चौथे बच्चे की गंभीर बीमारी को लेकर असहज हो गई थी। इससे उसकी सोचने-समझने की स्थिति ठीक नहीं थी।
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