राजन को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद 10 अक्तूबर को दर्ज हुआ था चार युवकों पर प्राथमिकी
सेवरही थाने का हिस्ट्रीशीटर है आदर्श उर्फ बंटी सोशल मीडिया पर अभी भी सक्रिय, निगरानी पर उठे सवाल
समय रहते कार्रवाई होती तो रेलवे स्टेशन पर नहीं चलती गोली,महाकॉल गैंग के सक्रिय सदस्य रह चुके हैं दोनों
पडरौना। तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर हिस्ट्रीशीटर राजन शर्मा को गोली मारने के मामले में पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। राजन की तहरीर पर 10 अक्तूबर को आदर्श सिंह उर्फ बंटी समेत पांच युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बावजूद आरोपी की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका और 19 अक्तूबर को गोलीकांड हो गया। आरोपी बंटी सेवरही थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के घघवा जगदीश गांव निवासी राजन शर्मा 19 अक्तूबर की रात अपनी मां के साथ लखनऊ जाने के लिए तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। ट्रेन में चढ़ते समय पुरानी रंजिश को लेकर सेवरही थाना क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी निवासी आदर्श सिंह उर्फ बंटी ने कथित तौर पर उन पर तमंचे से गोली चला दी। गोली राजन की जांघ में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग गया।
पुलिस इस मामले में 10 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि राजन ने घटना से पहले ही जान के खतरे का अंदेशा जताया था। उसकी तहरीर पर तरयासुजान पुलिस ने 10 अक्तूबर को आदर्श सिंह, अजय, राजू, विकास, गोविंद पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। आदर्श को छोड़ बाकी चारों आरोपियों को शांतिभंग में पुलिस ने चालान कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आदर्श सेवरही थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी निगरानी कमजोर होने के कारण बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया। बृहस्पतिवार को फेसबुक अपनी आईडी से कई वीडियो पोस्ट कर राजन के पुराने घटनाओं में शामिल होने और पुलिस की कार्रवाई से बच निकलने की जानकारी साझा की है।
गोली मारने का एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश तेज
-फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में जीआरपी के मदद के लिए एसपी ने लगाई तीन टीम
-पडरौना व तमकुहीरोड पहुंचे जीआरपी के सीओ, राजन का मेडिकल कॉलेज पहुंचकर दर्ज किया बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। तरयासुजान थाना क्षेत्र के घघवा जगदीश गांव निवासी राजन शर्मा को तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार की रात गोली मारने के मामले में जीआरपी पुलिस ने मुकेश यादव को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं बाकी आरोपियों की तलाश में जीआरपी की मदद के लिए एसपी ने तीन टीम गठित की है।
आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस ने दबिश दिया। एक टीम बिहार में डेरा डाला है। बुधवार की शाम को जीआरपी सीओ अशोक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर अनुज कुमार सिंह घटनास्थल तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। वहां लगे नौ सीसीटीवी कैमरे बंद होने पर स्टेशन अधीक्षक से मिलकर चालू कराने के लिए कहा। इसके बाद सीओ कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में 520 नंबर बेड पर भर्ती राजन से मिलकर उसका बयान दर्ज किया।
हालांकि अब चुनौती केवल आरोपियों को गिरफ्तार करने की नहीं बल्कि यह पता लगाने की भी है कि पहले से धमकी की जानकारी होने के बावजूद राजन पर हमले को रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा सके।
पडरौना के चौकी इंचार्ज बने अलगू प्रसाद
पडरौना के जीआरपी चौकी इंचार्ज का पद खाली चल रहा था। सोमवार की रात तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर गोली चलने के बाद मंगलवार को आनन-फानन में पनियहवा के चौकी इंचार्ज को चार्ज दिया गया और विवेचना सौंपी गई। बुधवार की शाम को गोरखपुर से आए अलगू प्रसाद पडरौना जीआरपी के चौकी इंचार्ज का चार्ज लिए। ट्रेनों में एस्कॉर्ट चलने के कारण इस रूट के सभी रेलवे स्टेशनों पर पिकेट ड्यूटी नहीं लग पा रही है। जबकि बिहार रूट को जोड़ने वाले इन स्टेशनों पर निगरानी जरूरी है क्योंकि अपराध के साथ-साथ ट्रेनों से थावे-कप्तानगंज, कप्तानगंज-नरकटियागंज रूट की ट्रेनों से शराब तस्करी का खेल बड़े पैमाने पर चलता है।
वर्जन
एक आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की गिरफ्तारी के लिए लोकल पुलिस की मदद से दबिश दी जा रही है। घायल राजन का बयान दर्ज किया गया। महाकाल गैंग के दोनों सदस्य रहे हैं, एक साथ मिलकर कई अपराध को अंजाम दिए हैं। दोनों के बीच दूरी बढ़ गई है, इसलिए राजन पर हमला आदर्श किया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-अशोक कुमार सिंह, सीओ जीआरपी गोरखपुर