तमकुहीरोड। गंडक नदी का जलस्तर शुक्रवार को घट कर 80 हजार क्यूसेक के नीचे आने के बाद नदी ने अब एपी बांध के जवही दयाल में किमी 3.500 पर बने ठोकर के पास कटान शुरू कर दिया है और ठोकर के नोज का लगभग 20 मीटर हिस्सा नदी में विलीन हो गया है। कटान की सूचना मिलते ही बाढ़ खंड के अभियंता मौके पर पहुंच गए और पुराने बोल्डर से बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
लोगों का कहना है कि गनीमत है कि नदी का जलस्तर कम है नही तो अब यहां अफ़रा तफरी मच गई होती। एपी बांध के जवही दयाल में बांध सुरक्षा को देखते हुए किमी 3. 500 पर बाढ़ खंड सेवरही दो साल पहले 3. 66 करोड़ की लागत से ठोकर का निर्माण कराया गया था। अब जब गंडक नदी का डिस्चार्ज शुक्रवार को 80 हजार क्यूसेक से नीचे आ गया है तो नदी ठोकर को निशाने पर ले लिया है। इसके चलते शुक्रवार को सुबह से ठोकर पर कटान तेज हो गया है और ठोकर के नोज का लगभग 20 मीटर हिस्सा नदी की धारा में विलीन हो गया है। ठोकर के नोज के कटने की सूचना मिलते ही बाढ़ खण्ड सेवरही के जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील यादव,जेई रामचंद्र प्रसाद सहित सभी अभियंता कटान स्थल पर पहुंच गए और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को देकर पुराने बोल्डर से बचाव कार्य शुरू करा दिया है। इसके पहले डिस्चार्ज में कमी आने पर ही नदी बाघा चौर में किमी 10. 518 पर बने ठोकर के अप स्ट्रीम एप्रन को भी काफी नुकसान पहुंचा चुकी है। क्षेत्र के कृष्णा निषाद,अर्जुन मंडल,बृजकिशोर साहनी, रमेश यादव आदि का कहना है कि हर साल आने वाली बाढ़ के कारण इस क्षेत्र सभी ठोकर काफी जर्जर हो चुके हैं। पिछले दो सालों मे इन ठोकरों पर किसी प्रकार का बचाव कार्य विभाग द्वारा नही कराया गया है। यही नही एक पखवाड़ा पहले से ही यह ठोकर नदी के निशाने पर था। बावजूद यहां कोई सुरक्षा कार्य नही कराया गया | गनीमत है कि इस समय नदी का जलस्तर घटा हुआ है, अन्यथा ऐसी स्थिति में अब तक यहां अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया होता। इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि कटान स्थल की स्थिति को देखते हुए बोल्डर से बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ तटबंधो की चौकसी बढ़ा दी गई है।
तमकुहीरोड | गंडक नदी का जलस्तर घटने के साथ एपी बांध पर कटान की स्थिति का उत्पन्न होना एक आम बात है | बांध के किनारे बसे लोगों का कहना है कि पिछले दो तीन सालों से इस क्षेत्र के पुराने ठोकरों पर रख रखाव का कार्य नही कराये जाने से ठोकरों की स्थिति काफी जर्जर है और वर्तमान मे एपी बांध के किमी 4.000, किमी 10. 518,किमी 13. 330,किमी 13. 980 और किमी 14. 500 पर भी कटान का खतरा बना हुआ है | क्योकिं यह सभी ठोकर क्षतिग्रस्त स्थिति मे है |