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अपराधियों ने सात महीने तक पुलिस को उलझाए रखा

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अपराधियों ने सात महीने तक पुलिस को उलझाए रखा
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कसया (कुशीनगर)। कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर पिपरा निवासी मां-बेटे की हत्या का राज काफी गहरा था। हत्यारों की चालाकी ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बना दिया था। चार माह के अंदर मां-बेटे की हत्या हो गई थी लेकिन पुलिस के पास कोई ऐसा क्लू नहीं था, जिससे घटना का पर्दाफाश हो सके। लेकिन घटना की उलझी कड़ियों को जोड़ने में की गई मेहनत व शक के आधार पर हुई पूछताछ में पूरी कहानी खुलकर सामने आई।
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कसया थाना क्षेत्र के मोहल्ला पिपरा वार्ड नंबर-8 (पंडित राजमंगल पांडेय नगर) निवासी चंदन शर्मा बीते वर्ष जून में गायब हो गया था। कुछ ही दिन बाद बोरे में एक युवक का शव मिला लेकिन उस शव शिनाख्त नहीं हो पाई थी। परिजन चंदन की गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज कराकर तलाश में जुटे थे। पुलिस भी उसे गुमशुदा ही मान रही थी। इस घटना के बाद चार महीने बाद 10 दिसंबर को चंदन की मां बतीसा देवी (70) की रात में हत्या हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो जमीनी विवाद की बात सामने आई। लेकिन ऐसा कोई ठोस सुबूत नहीं था, जिससे पुलिस को घटना का तत्काल खुलासा करने में मदद मिले। इसी बीच गुमशुदा शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर इसकी भी छानबीन शुरू की गई। बतीसा देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी छानबीन चल रही थी। एसओ संजय कुमार ने बताया कि आशंका के आधार पर दोनों मामलों को एक साथ जोड़कर छानबीन शुरू हुई तो हत्याओं के पीछे जमीनी विवाद के साथ-साथ अवैध संबंध की जानकारी भी सामने आई। यहीं से क्लू मिलना शुरू हुआ और पुलिस जल्दी ही हत्यारों तक पहुंच गई। कड़ाई से पूछताछ हुई तो पुलिस का शक सही निकला। हत्यारोपियों ने जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि चंदन का सिर धड़ से अलग करके बरवा जंगल के पास फेंका गया था। चूंकि चंदन की हत्या का राज दफन हो गया था लिहाजा उन लोगों ने ही बतीसा देवी की भी बाद में हत्या कर दी।
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