एपी बांध के ठोकर को बचाने में जुटे अभियंता
तमकुहीरोड (कुशीनगर)। बाढ़ के लिहाज से नोनियापट्टी में अतिसंवेदशील और करीब तीन चौथाई क्षतिग्रस्त हो चुके एपी बांध के ठोकर को बचाने का कार्य जारी है। बृहस्पतिवार को भी बाढ़ खंड तृतीय के अभियंता इस कार्य में जुटे रहे।
गंडक नदी में पानी के उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। बुधवार सुबह नदी में डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक के आसपास था। शाम होते-होते वह बढ़कर 126500 क्यूसेक पर पहुंच गया। बृहस्पतिवार को पुन: डिस्चार्ज घटकर 114000 क्यूसेक पर आ गया। इससे नरवाजोत से लगायत अहिरौलीदान तक बांध के कई संवेदनशील स्थानों पर पानी के दबाव के कारण कटान का खतरा बना हुआ है। जबकि एपी बांध के नोनियापट्टी गांव के सामने बने बाढ़ के लिहाज अतिसंवेदनशील और लगभग तीन चौथाई क्षतिग्रस्त ठोकर को बचाने में बाढ़ खंड के अभियंता लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी लगे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल क्षतिग्रस्त ठोकर को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया गया है। फिर भी ठोकर पर पानी का दबाव बना हुआ है। यदि समय रहते बांध को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया गया तो डिस्चार्ज के उतार-चढ़ाव के चलते कभी भी स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए ठोकर पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किया जाना जरूरी है। इस संदर्भ में बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि ठोकर पूरी तरह सुरक्षित है और बचाव कार्य जारी है।