पडरौना। शहर की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। रात में सड़कें चौड़ी दिखाई देती हैं, लेकिन दिन में वह संकरी हो जाती हैं। व्यवसायी सुबह अपनी दुकानों का सामान सड़क तक बढ़ाकर रख देते हैं। इसके अलावा खरीदारी करने आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े करते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं। नतीजतन जाम की समस्या बनी रहती है। इस कारण कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
साल में कभी-कभार प्रशासन अतिक्रमण हटवाने की औपचारिकता पूरी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। शहर के छावनी से जटहां रोड स्थित अंबे चौक करीब तीन किलोमीटर और सुभाष चौक से बावली चौक तक करीब दो किलोमीटर टू-लेन सड़क शहर की घनी आबादी में पड़ती है। इसी तरह कोतवाली रोड से धर्मशाला और तिलक चौक से पंजाब बैंक मुख्य शाखा तक शहर की पुरानी बस्ती होने के चलते अत्यंत घनी आबादी है।
इन सड़कों के किनारे ही शहर की दुकानें संचालित हैं। करीब तीन किलोमीटर परिधि में फैले शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते शहर में खरीदारी करने आए लोग दुकानों के सामने ही सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े कर देते हैं। इन सभी सड़कों के किनारे के दुकानदार दुकान का समान सड़क तक फैला देते हैं। दोपहर बाद नगर के ठेला और खोमचा वाले भी इन्हीं सड़कों के किनारे सब्जी, फल, होजरी के कपड़े, पानी पुरी, चाट, चाउमीन समेत अन्य सामान बेचते हैं।
इसकी वजह से रात करीब नौ बजे के बाद चौड़ी दिखने वाली सड़कें दिन चढ़ने के साथ ही धीरे-धीरे संकरी होने लगती हैं। इसके चलते शहर में खरीदारी करने आए लोगाें को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
यदि बीच में रेलवे ढाला बंद हो जाए तो जाम में फंसे लोगों की समस्या बढ़ जाती है। सड़क पर अतिक्रमण के चलते हादसे भी हो चुके हैं। हालत यह है कि शहर में लगने वाले बार-बार जाम के चलते करीब तीन किलोमीटर परिधि में फैले शहर को एक छोर से दूसरे छोर तक की दूरी तय करने में एक बाइक सवार को करीब एक घंटे का समय लग जाता है।
यदि कार से इस सड़क को पार कर रहे हैं तो समय और अधिक लग सकता है। हालांकि, लोगों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान दिन भर पसीना बहाते हैं, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं पड़ता है। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से त्योहारों पर यातायात पुलिस बड़े वाहनों को डायवर्जन कर नगर के उदित नारायण पीजी कॉलेज और मॉलगोदाम के पास पार्किंग की व्यवस्था करती है।