पडरौना। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण और जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार शाम कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा में एक वर्ष या उससे अधिक पुराने राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने की हिदायत दी। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
डीएम ने सभी वादों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जनसुनवाई और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने गांवों के चकरोड और सार्वजनिक संपर्क मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चकरोड और संपर्क मार्गों पर अतिक्रमण के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में लंबित रिट याचिकाओं, ऑडिट आपत्तियों, अमल दरामद, खतौनी से संबंधित प्रकरणों, भूमि विवादों और आर्म्स लाइसेंस के वरासत मामलों समेत राजस्व विभाग से जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा की गई।बैठक में सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा समेत सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी और तहसीलदार मौजूद रहे।