महा परिनिर्वाण मंदिर में धम्मराजा प्रियदर्शी अशोक महान की जयंती के अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित
कसया। महापरिनिर्वाण मंदिर में बृहस्पतिवार को धम्मराजा प्रियदर्शी सम्राट अशोक की जयंती मनाई गई। भंते नंदरतन के नेतृत्व में कुशीनगर भिक्षु संघ ने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। उसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई। भिक्षु संघ की ओर से विधि-विधान से पूजा-पाठ किया गया। श्रद्धालुओं एवं भिक्षुओं ने सम्राट अशोक के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उनके बताए गए धम्म मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, बौद्ध धम्म के प्रसार में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि सम्राट अशोक ने हिंसा का मार्ग त्यागकर शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया को दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।
अंत में महात्मा बुद्ध की लेती प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया गया। सभी के कल्याण और विश्व शांति की कामना की गई। भंते अशोक, भंते चंद्रमणि, भंते रूपाली आदि भिक्षु मौजूद रहे।