कसया। आंधी-बारिश में तार और खंभे गिरने से बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति मंगलवार को चौथे दिन भी ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। सोमवार देर शाम तक जिले के सभी 34 विद्युत उपकेंद्रों में 33 चालू हो गए थे लेकिन एक हाटा डिविजन के उपकेंद्र पर काम चल रहा था।
जिसे देर शाम तक शुरू करने का भरोसा विद्युत निगम के अधिकारी दे रहे थे। शहर की मेन लाइन की आपूर्ति तो बहाल हो गई थी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति अभी ठीक करने में निगम के कर्मचारी जुटे हुए है। जिले के अधिकतर कस्बों को छोड़कर गांवों के लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। खराबी को दुरुस्त करने में ठेकेदार के साथ ही लाइनमैन, जेई और एसडीओ लगे हुए है। स्टोर से खंभे, तार व अन्य उपकरण लेने के लिए जेई उपकेंद्रों से पहुंचे थे, मगर संसाधन और मैन पावर की कमी के चलते उपकरण मौके पर नहीं भेजे जा सके। सोमवार से उपकरण मिलने के बाद कार्यों में तेजी आई है।
नैकाछपरा फीडर से भी आपूर्ति ठप
सोहसा विद्युत उपकेंद्र के नैकाछपरा फीडर से जुड़े गावों में शनिवार से सोमवार देर रात तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सका था। विद्युत विभाग के कर्मचारी आधी बरसात से गावो में टूटे पोल और तार को ठीक करने में जुटे हुए है। इस फीडर से महूई बुजुर्ग, नरकटिया, नैकाछपरा, ,अमरपुर ,लौंगरापुर ,भरवलिया,परसौना बुजुर्ग, बेदौली महुआडीह, परसौनी गावों में मंगलवार की शाम तक विद्युत सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी। उपभोक्ता महंथ यादव, जितेंद्र सिंह, ब्रजेश सिंह, इश्तियाक अहमद, टिंकल पांडेय आदि का कहना था कि शनिवार दिन से ही नैकाछपरा फीडर में विद्युत आपूर्ति ठप है।
खेसिया गांव में फिर जला ट्रांसफाॅर्मर
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक मुख्यालय से सटे खेसिया गांव में मंगलवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गांव में लगा ढाई सौ केवीए का ट्रांसफार्मर अचानक जल गया। यह ट्रांसफार्मर एक सप्ताह पहले भी जल गया था और मरम्मत कराकर दोबारा लगाया गया था। अधिक लोड झेल न पाने के कारण यह फिर से जल गया। ट्रांसफार्मर के जल जाने से गांव के करीब तीन सौ घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।