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Kushinagar News: आठ रॉकेट्री और पांच कैनसेट ने भरी उड़ान...गर्जन से गूंजा आसमान

Thu, 30 Oct 2025 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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जंगली पट्टी में उड़ान के लिए तैयार राकेटो का निरीक्षण करते सांसद व अन्य।स्रोत-सोशल मीडिया
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तमकुहीरोड/पिपराघाट (कुशीनगर)। सेवरही के जंगली पट्टी गांव में चल रहे चार दिवसीय रॉकेट्री एवं कैनसेट प्रक्षेपण प्रतियोगिता के तीसरे दिन बुधवार को आसमान में उड़ते रॉकेटों और कैनसेट की गर्जना ने वहां मौजूद ग्रामीणों और विद्यार्थियों को उत्साहित कर दिया। प्रत्येक रॉकेट की लांचिंग के साथ तालियां के बीच भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे गूंज रहे थे।
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रॉकेट प्रक्षेपण कार्यक्रम सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, जो शाम तक चलता रहा। इस दौरान कुल 14 रॉकेट लॉन्च किए गए, जिनमें से 13 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। तकनीकी कारणों से एक रॉकेट उड़ान नहीं भर सका। वहीं, दो रॉकेटों के पैराशूट न खुल पाने के बावजूद उन्हें रिकवरी टीम ने जीपीएस की मदद से सुरक्षित रिकवर कर लिया।



रॉकेट प्रक्षेपण कार्यक्रम इसरो, इन-स्पेस एवं एनएसआईएल के वैज्ञानिकों की देखरेख में संपन्न हुआ। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विज्ञान की समझ बढ़ाते हैं, बल्कि बच्चों में नवाचार की भावना भी जगाते हैं।
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कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रक्षेपण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। बच्चों ने वैज्ञानिकों से प्रश्न पूछकर तकनीकी जानकारी प्राप्त की और रॉकेट के प्रक्षेपण को प्रत्यक्ष रूप से देखा।



महराजगंज की बेटी ने बनाया ऐसा सैंडल जो महिलाओं को करेगा सुरक्षित

रॉकेट लांचिंग के साथ स्थल पर स्कूली बच्चों की नवाचारी प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं। नवजीवन मिशन स्कूल पटहेरिया के छात्रों-इरफान अली, मनसब आलम व इमरान अंसारी ने एयर पॉल्यूशन कंट्रोल तकनीक का मॉडल प्रदर्शित कर सराहना पाई। वहीं आरपीआईसी स्कूल सिसवा बाजार, महराजगंज की छात्रा कोमल जायसवाल ने महिलाओं की सुरक्षा हेतु तैयार ‘स्मार्ट सैंडल’ का मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसमें से निकली चिंगारी से किसी भी अपरिहार्य स्थिति में परेशान करने वाले व्यक्ति को करंट लगेगा। वहीं उस चप्पल से तुरंत आपातकालीन नंबर पर फोन भी चला जाएगा। उस चप्पल में माइक भी है। युवा वैज्ञानिकों के इस उत्साहवर्धक प्रयास की सराहना क्षेत्रीय सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, इसरो के निदेशक डॉ. विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने की। केरल से आए युवा वैज्ञानिकों अश्विन, आदेश, अरुणेश, परत, नवीन, आकाश एवं आदित्य ने अपने बनाए कैनसेट मॉडलों से तकनीकी कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया।
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