मेडिकल कॉलेज के डायटिशिन विभाग में आए मरीज को पौष्टिक भोजन का सेवन करने की सलाह देती डॉ. अर्प
पडरौना। बदलते मौसम में सेहत का ध्यान रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। दरअसल, मौसम में उतार-चढ़ाव होता है जिसमें शरीर खुद को ढाल नहीं पाता है। इसके चलते लोग बीमार पड़ते हैं। लेकिन बदलते मौसम में यदि खानपान में थोड़ी सावधानी बरतें तो इन बीमारियों से बच सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर में बीते करीब एक सप्ताह से सर्दी, खांसी और वायरल बुखार जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। इनमें से 40- 50 मरीज ऐसे हैं जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी मिल रही है। इसके लिए डॉक्टर डाइट में बादाम, आंवला, हल्दी और मौसमी फलों को शामिल करने की सलाह दे रहे हैं। बाहर के खाने से परहेज और घर और आसपास के स्थानों की सफाई रखने के साथ पर्याप्त पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की आहार विशेषज्ञ अर्पिता सिंह ने बताया कि जब भी मौसम में बदलाव होने पर बच्चे और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में सर्दी, खंसी, बुखार, एलर्जी की शिकायत बढ़ने के साथ पाचन संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। उन्होंने बताया कि सही खानपान और अच्छी जीवन शैली से इन बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों को सी आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और सात से आठ घंटे की नींद लेने की सलाह दी जा रही है।
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भोजन में शामिल करें
- मेडिकल कॉलेज के आहार विशेषज्ञ अर्पिता सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों को साबुत अनाज जैसे रोटी, दलिया, ओट्स लें। शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए दाल, दूध और दही लें। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां ले ताकि शरीर को ऊर्जा और पोषण दोनों मिले।
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