नरवाजोत बांध से नदी का दबाव घटा।संवाद
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज सोमवार को 80 हजार क्यूसेक से कम होने पर तटबंधों से अब नदी का दबाव भी कम होने लगा है। इससे पिपराघाट के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा टलने लगा है। जब गंडक नदी का डिस्चार्ज लगभग दो लाख क्युसेक तक पहुंच गया था तो सर्वाधिक खतरा इसी गांव पर मडराने लगा था। इससे लोगों में दहशत थी।
पिपराघाट स्थित नरवाजोत एक्सटेंशन के पास का किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच का लगभग पांच सौ मीटर का हिस्सा पिछले 20-25 दिन से गंडक नदी के निशाने पर था। यहां नदी कटान करते हुई बांध को क्षतिग्रस्त कर दी थी। गंडक व बांसी नदी के दोआबे में बसे नरवाजोत के साथ मोतीराय टोला, भंगी टोला, दहारी टोला और तवकल टोला में नदी बांध से टकराने लगी थी।
इसके चलते उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला, हनुमान टोला, शिव टोला, मुसहरी टोला आदि गांवों की सुरक्षा के लिए खतरा बनने लगी थी। क्योंकि बांध को क्षति पहुंचने की इन्ही गांवों को सर्वाधिक प्रभावित होने का खतरा हो सकता था। पांच दिन पहले अचानक नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया और डिस्चार्ज दो लाख क्युसेक तक पहुंच गया तो बाढ़ खंड के अभियंता सहित ग्रामीणों में दोबारा बेचैनी बढ़ गई थी। लेकिन अब जब सोमवार को नदी का डिस्चार्ज 80 हजार क्युसेक से नीचे चला गया है। इससे लोग राहत महसूस करने लगे हैं। बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह ने कहा कि बांध से खतरा काफी हद तक टल चुका है। एहतियात के तौर पर चौकसी बरती जा रही है।