सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुबेरस्थान में मरीजों के लिए आई आयरन और कीड़ी मारने की दवाइयां बगल में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के जर्जर भवन के एक कमरे में फेंकी गई हैं। इसमें से आयरन की गोलियों के पत्तों पर एक्सपायरी डेट सितंबर 2016 तथा एलबेन्डाजॅाल की गोलियों के पत्तों पर एक्सपायरी डेट जून 2018 अंकित है। अस्पताल प्रशासन इसके लिए स्कूल को जिम्मेदार बता रहा है जबकि स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि ये दवाइयां अस्पताल की हैं। एक दिन पहले ही इस अस्पताल के पास ओआरएस का पैकेट भी फेंका गया था।
केंद्र और राज्य सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर गरीब और असहाय परिवार के लोगों के इलाज के लिए जो दवाइयां अस्पतालों को भेजी जा रही हैं, उनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुबेरस्थान को मिली दवाइयां और ओआरएस के पैकेट तक झाड़ियों में मिल रहे हैं। बुधवार को अस्पताल के बगल में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के जर्जर भवन के कमरे की झाड़ियों के बीच काफी मात्रा में फेंकी गयी सरकारी दवाइयां देखकर लोगों ने अस्पताल के अधिकारियों को सूचना दी। इन दवाइयों में आयरन और एलबेंडाजॉल की गोलियां हैं।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुबेरस्थान के प्रभारी चिकित्साधिकारी शशिशेखर सिंह का कहना है कि झाड़ियों में फेंकी गयी दवाएं कुछ माह पूर्व क्षेत्र के प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों में वितरित करने के लिये दी गई थीं, लेकिन वे दवाएं वितरित करने की बजाय झाड़ियों में फेंक दी गई हैं। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुबेरस्थान के प्रधानाध्यापक अरविंद गुप्ता का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से विद्यालय के बच्चों में वितरित करने के लिए जो दवाइयां उपलब्ध करायी गई थीं, वे वितरित कर दी गयी हैं। विद्यालय के जर्जर भवन के कमरे में जो दवाइयां मिली हैं, वह स्वास्थ्य विभाग की होंगी।