पडरौना। मेडिकल कॉलेज में तैनात जनरल फिजिशियन डॉ. दीन मोहम्मद के सरकारी आवास पर बुधवार शाम को सदर एसडीएम आशुतोष कुमार, सीओ अजय कुमार सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर दीपक कुमार की टीम ने गोपनीय सूचना के बाद छापा मारा था। टीम ने डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। अब आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर होगी। जांच में पता चला कि मेडिकल कॉलेज से मरीजों को सरकारी आवास पर बुलाने के लिए दलाल की मदद ली जाती थी।
सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज से सरकारी आवास पर इलाज के लिए बुलाने और ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं देने का बयान मरीजों ने दिया है। दलालों के माध्यम से मेडिकल कॉलेज से सरकारी आवास पर मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर पहुंचाने की पुष्टि हुई है। जनता दर्शन में दस जून को दो मरीजों के परिजनों ने शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर कलक्ट्रेट के दो कर्मचारी मरीज बनकर पहुंचे तो इस खेल का भंडाफोड़ हुआ।
छापेमारी के दौरान टीम को डॉ. दीन मुहम्मद के आवास के एक कमरे में ग्लूकोज की बोतल और लाखों रुपये की दवाएं बरामद हुईं। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि उपचार के अलावा मरीजों को आवास पर ही भर्ती किया जाता था। बरामद दवाएं जब्त कर उनकी वैधता की भी जांच की गई। देर रात ड्रग्स इंस्पेक्टर अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। एसडीएम ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट डीएम को भेज दी।
जनता दर्शन में आई शिकायत की सत्यापन करने के लिए डीएम के निर्देश पर कलक्ट्रेट में तैनात जनगणना सहायक संजय पांडेय और अभिलेखागार के नायब हिंदी अशोक कुशवाहा मरीज बनकर मेडिकल कॉलेज के कक्ष संख्या एक में डाॅ. दीन मोहम्मद के पास पहुंचे। सरकारी पर्चे पर ब्रांडेड दवा लिखने के साथ-साथ सरकारी आवास पर इलाज के लिए बुलाया गया। दलाल मरीजों को डाॅक्टर के सरकारी आवास तक पहुंचाते थे। इसके एवज में उनको कमीशन मिलता था। जांच के दौरान दो मरीजों ने टीम को बयान दिया कि वे इलाज कराने मेडिकल कॉलेज आए थे। डॉक्टर ने घर बुलाकर बाहर की दवाएं दीं। बाहर भेजकर जांच कराई थी।
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जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई उनके स्तर से होनी है। जांच में निजी प्रैक्टिस करने और मेडिकल कॉलेज से मरीजों को सरकारी आवास पर बुलाकर इलाज करने तथा मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के दौरान ब्रांडेड दवाएं लिखने की पुष्टि हुई है। -आशुतोष, एसडीएम पडरौना