पडरौना/तमकुहीरोड। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के विविध स्वरूपों की पूजा के लिए मंदिर सज गए हैं। वहां भजन कीर्तन और पूजा सामग्रियां बेचने का इंतजाम भी हो गया है।
मंगलवार को कलश स्थापना के साथ ही व्रत और उपवास भी शुरू हो जाएगा।
21 अक्टूबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्र के लिए जहां मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं, वहीं पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं को स्थापित करने का काम चल रहा है। मंदिरों में प्रकाश, पानी और सजावट का काम कई दिनों से चल रहा है।
खन्हवार के प्राचीन दुर्गा मंदिर, पडरौना के दुर्गा मंदिर, बलुचहां के लखरांव मंदिर, खिरकिया माता के मंदिर, रामकोला के धर्मसमधा मंदिर, दुबौली माता मंदिर, मथौली के चेड़ा देवी मंदिर, मैनपुर स्थान, कुलकुला स्थान सहित कई देवी मंदिरों में पूजा की विशेष तैयारियां हैं।
इनके अलावा अन्य देवी मंदिरों में भी नवरात्र को देखते हुए साफ-सफाई की गई। मंदिरों के व्यवस्थापकों और दुर्गा पूजा आयोजन समितियों का कहना है कि शारदीय नवरात्र को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मंगलवार से नवरात्र, देवी दुर्गा के प्रथम स्वरुप शैलपुत्री की विषेश पूजा और कलश स्थापना के साथ शुरू हो रहा है। नवरात्र के मद्देनजर तमकुहीरोड के छतुवनिया माता मंदिर, चीनी मिल गेट माता मंदिर, बेलवा माता मंदिर, जलपा माई मंदिर, बनही माता मंदिर, काली माता मंदिर, सोना भवानी माता मंदिर, बसई देवी माता मंदिर सहित जवाहर नगर, गांधी नगर, पकड़िहार पूरब पट्टी, जानकी नगर, राजपुर, पिरोजहा, ब्रहमपुर, दवनहा, धूमपट्टी, बभनौली, इमिलिया, तिवारी पट्टी आदि मंदिरों में भी दुर्गापूजन की विशेष व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा जगह जगह पांडाल बनाए गए हैं, जहां दुर्गा प्रतिमाओं को स्थापित किया जाना है। उसकी भी तैयारी शुरू कर दी गई है। नागेंद्र द्विवेदी और संतोष पाठक का कहना है कि शारदीय नवरात्र 13 से 21 अक्टूबर तक चलेगा।
इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विषेश पूजा करना फलदायी होता है। वहीं मंदिर व्यवस्थापकों और दुर्गापूजन आयोजन समितियों का कहना है कि शारदीय नवरात्र को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कलश स्थापना और शैलपुत्री की विशेष पूजा के साथ नवरात्र का शुभारंभ हो जाएगा।