मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत खेसिया और पटेरा बुजुर्ग गांव में बृहस्पतिवार को डीपीआरओ पहुंचे। डीपीआरओ ने जिम्मेदारों पर नाराजगी जाहिर की। ग्राम पंचायत खेसिया में दिए गए निर्देशों के बावजूद न तो प्राइवेट मजदूर सफाई के लिए लगाए गए थे, न ट्रैक्टर-ट्रॉली, न ही जेसीबी जैसी आवश्यक मशीनें। सड़क के दोनों ओर बाजार में गंदगी का अंबार मिला। ग्राम पंचायत सचिव ने डीपीआरओ को बताया कि शुक्रवार से टीम लगाई जाएगी।
इस पर डीपीआरओ ने कड़ा रूख अपनाते हुए इसे ग्राम प्रधान और सचिव की कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता बताया। वहीं ग्राम पंचायत पटेरा बुजुर्ग में निरीक्षण के दौरान मुसहर बस्ती में दो हैंडपंप खराब पाए गए। ग्रामीण दूषित छिछले हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर थे, जिस पर लाल क्रॉस का निशान भी नहीं लगाया गया था। ग्राम पंचायत में मात्र पांच मजदूर ही काम करते मिले जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली व जेसीबी कहीं नहीं दिखी।
ग्राम पंचायत में बने जनसेवा केंद्र में कंप्यूटर, कुर्सी, अलमारी आदि सामान एकदम नया मिला। डीपीआरओ के अनुसार यह स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि निरीक्षण की आशंका पर सामान मंगवाया गया है, जबकि भुगतान काफी पहले कर दिया गया था। सीएससी के लिए लगा सोलर पैनल प्राथमिक विद्यालय की कक्षा में रखा मिला।