एंटी रेबीज का टीका लगवाते बच्चे। संवाद
रामकोला। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन औसतन 15 से 20 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। इनमें मासूम बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। मंगलवार को कुत्तों के हमले में घायल पांच बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला पर रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
सीएचसी रामकोला के रिकॉर्ड के अनुसार एक माह में करीब 500 से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं। सभी पीड़ितों को एहतियातन रेबीज का इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ता काटने के मामलों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्यकर्मी भी चिंतित हैं।
मंगलवार को सीएचसी पर इलाज के लिए दिव्यांशु (ढाई वर्ष) रोवारी नरकटिया, भोलू यादव (ढाई वर्ष) रोवारी नरकटिया, आयुष (14 वर्ष) इंदरसेनवा, शाजिया (7 वर्ष) गांव बरवाबाजार तथा फैसल (ढाई वर्ष) गांव सिंगहा पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बच्चों व बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आवारा कुत्तों के झुंड सड़कों और गलियों में घूमते रहते हैं, जिससे हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।