फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ डीएम-एसपी ने

विज्ञापन
हाटा नगर में भ्रमण करते डीएम और एसपी। - फोटो : KUSHINAGAR
विज्ञापन
अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ डीएम-एसपी ने
विज्ञापन

की बैठक, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
हाटा। एनआरसी को लेकर लोगों में उत्पन्न हुए भ्रम को दूर करने के लिए डीएम और एसपी ने बुधवार को हाटा कोतवाली परिसर में अल्पसंख्यक समुदाय और अन्य गणमान्य लोगों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाने में सहयोग की अपील की।
डीएम ने लोगों से कहा कि नागरिकता संशोधन कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। कानून का पालन करना हम सभी का दायित्व है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में धारा 144 लागू है। इस दौरान डीएम ने नागरिकता संशोधन कानून के बारे में भी विस्तार से बताया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि इस कानून से भारत के स्थायी नागरिकों का कोई नुकसान नहीं है। एसपी ने जिले में धरना-प्रदर्शन या जुलूस निकालने पर रोक की जानकारी देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद डीएम और पुलिस अधीक्षक ने नगर में लोगों के साथ पैदल मार्च भी किया और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से करमहा चौराहे पर वार्ता भी की।
विज्ञापन

इस दौरान कोतवाल संजय कुमार सिंह, एसएसआई राम लक्ष्मण सिंह, एसआई गिरधारी यादव, टीपू भाई, हामिद अंसारी, बबलू खा, सुहेल खा, सैफुद्दीन, उदयभान कुशवाहा, मनीष रूंगटा, जयप्रकाश जायसवाल, राशिद पहलवान, मुख्तार अहमद, व्यास ओझा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून की सराहना
पडरौना। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन) लागू होना स्वागत योग्य कदम है। इसे पूरे देश में लागू होने से विभिन्न दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सुधार की संभावना है। देश भर में हो रही हिंसात्मक घटनाएं कहीं न कहीं विपक्षी पार्टी की सोची समझी साजिश हैं।
विज्ञापन

ये बातें रामकोला विधानसभा क्षेत्र की भाजपा नेता सुनीता सिंह गौंड़ ने कहीं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि विपक्षी पार्टियां नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के नाम पर लोगों में भ्रांति उत्पन्न कर विवाद को जन्म दे रही हैं। क्योंकि विपक्ष की विचारधारा कोई भी मार्ग अपनाकर मोदी सरकार को कमजोर करना है। यह कानून भारत में रहने वाले लोगों के लिए नहीं, बल्कि केवल घुसपैठियों के लिए है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें