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Kushinagar News: स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे पर रार

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पचफेड़ा कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक और ग्रामीणों को समझाते खंड शिक्षा अधिकारी जयंत भारती।संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय पचफेड़ा में चल रहा विवाद बृहस्पतिवार को खुलकर सामने आ गया। शिक्षक और गांव ग्रामीण पंचायत में वाले आमने-सामने हो गए और उनमें कई बार नोकझोंक हुई। शिक्षक गांव के कंपोजिट विद्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर करीब तीन घंटे पंचायत हुई, लेकिन बात नहीं बनी।
मामला बिगड़ता देख पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने शिक्षक और गांव वालों को समझाकर शांत किया। शिक्षकों के जुटने की सूचना पर बीईओ भी पहुंच गए। गांव वालों का आरोप है कि शिक्षक पढ़ाते नहीं हैं, बातें करते हैं और सोते हैं। बच्चे पढ़ने के बजाए खेलते रहते हैं। वहीं शिक्षकों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरा लगने से निजी सूचिता भंग हो रही है, और बच्चों को पढ़ाने में बाध उत्पन्न हो रही है।
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कंपोजिट विद्यालय पचफेड़ा में दो महीने पहले गांव और प्रबंध कमेटी की ओर से शिक्षकों के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद लोगों ने जनसहयोग से 16 सीसीटीवी कैमरे स्कूल में लगवाए। विद्यालय में लगे आरओ प्लांट को ठीक करवाया। दो कमरों का कायाकल्प कराने के साथ शौचालय की मरम्मत करवाई। प्रधानाध्यापक के बजाए प्रबंध समिति के लोगों की ओर से एमडीएम भी बनवाने लगे।
जनसहयोग से गांव के दो शिक्षक भी पढ़ाने के लिए स्कूल में आने लगे। हालांकि विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत छह शिक्षकों की तैनाती है। वहीं प्रधानाध्यापक अनिल कुमार यादव का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद उसकी डीवीआर गांव के एक व्यक्ति बृजेंद्र पांडेय के घर रहती है। आरोप है कि विद्यालय में महिला शिक्षक और रसोईया है। स्कूल की गतिविधियों को बाहरी लोग देख रहे हैं, जो नियम के खिलाफ है।
बिना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ही कैमरा लगवाया गया है। वहीं ग्राम प्रधान की बजाय गांव की प्रबंध कमेटी एमडीएम बनवा रही है, जो गलत है। इसी को लेकर शिक्षक संघ के बुलाने पर काफी संख्या में शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद यादव की अगुवाई में जुटे। गांव के लोगों को भी बुलाया गया। बैठक में बीईओ जयंत भारती भी मौजूद रहे। बैठक शुरू होते ही गांव के लोगों और शिक्षकों में कई बार नोकझोंक और हंगामा हुआ। सूचना पर दरोगा आकाश गिरी पहुंचे और हंगामे को शांत कराया। बैठक में महिला शिक्षक शक्ति शर्मा और रसोईया ने भी कैमरे का विरोध किया।
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महिला शिक्षाओं का कहना था कि कमरे के बाहर कैमरा रहे। बृजेंद्र पांडेय का आरोप था कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाते नहीं हैं। मोबाइल का प्रयोग करते हैं। इससे बच्चों को संख्या कम हो गई। गांव के लोग व्यवस्था ठीक कर रहे हैं। बैठक के अंत में हंगामे के कारण कोई नतीजा नहीं निकला और ग्रामीण चले गए।
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