डीएम को पत्रक सौंपते प्रांतीय चिकित्सा संघ के पदाधिकारी। स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। तमकुहीराज सीएचसी प्रसव के बाद सुप्रिया की हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं परिजन हटाए गए सीएचसी अधीक्षक, महिला डॉक्टर और स्टाफ नर्स के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग को बेमियादी धरने पर बैठे हैं। सीएमओ ने जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएचसी अधीक्षक, महिला डॉक्टर और स्टाफ नर्स का स्थांतरण कर दिया है।
शुक्रवार को सीएचसी के सभी अधीक्षक प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले डीएम महेंद्र सिंह तंवर से मिलकर मांग पत्र दिया और धरना प्रदर्शन कर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दिया है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष कसया सीएचसी के अधीक्षक डॉ.मारकंडेय चतुर्वेदी के नेतृत्व में सभी सीएचसी के डॉक्टर व संघ के पदाधिकारी डीएम को मांग पत्र दिया।
डॉक्टरों ने कहा कि सीएमओ की ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट में सुप्रिया की मौत के मामले में डॉक्टर दोषी नहीं मिले हैं। बावजूद इसके सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित राय, डॉ. सलोनी जायसवाल और स्टाफ नर्स ममता चौहान का स्थानांतरण कर दिया गया है। इसके बाद भी परिजन राजनीतिक दलों के साथ मिलकर बेमियादी धरने पर बैठे हैं।
इससे चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों ने डीएम से इस मामले को पटाक्षेप कराने की मांग किया। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन के लिए बाध्य होने की चेतावनी दी है। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों के अलावे प्रसव कराने वाली स्टाफ नर्स, एएनएम व पैरामेडिकल स्टाफ में भी भय का माहौल बना हुआ है। इस दौरान प्रांतीय चिकित्सा संघ के जिला सचिव डॉ. उमाशंकर नायक, डॉ. सूर्यभान कुशवाहा, डॉ राजेश मद्देशिया, डॉ.अमित गुप्ता, डॉ. अमित राय, डॉ. जीशान अली, डॉ. सन्दीप, डॉ. रजनीश श्रीवास्तव, डॉ.पीएन गुप्ता, डॉ. शेष विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।