अहिरौलीदान में बचाव कार्य मे जुटा विभाग।
अहिरौलीदान में किमी 13.980 पर ठोकर के पास बैक रोलिंग से शुरू हुआ कटान
सूचना पर पहुंचे बाढ़ खंड के अभियंता, मिट्टी भरी बोरियों से रातभर चला बचाव कार्य
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज 30 हजार क्यूसेक से नीचे आने के बावजूद अहिरौलीदान में एपी बांध पर कटान का खतरा बना हुआ है। बुधवार शाम बांध के किमी 13.980 पर ठोकर के पास बैक रोलिंग से कटान शुरू हो गया। सूचना पर पहुंचे बाढ़ खंड के अभियंताओं ने मिट्टी भरी बोरियां डालकर रातभर बचाव कार्य कराया।
अहिरौलीदान में एपी बांध का किमी 13.500 से किमी 14.000 तक का हिस्सा पिछले 15 से 20 दिनों से कटान की चपेट में रहा है। इस संवेदनशील हिस्से को बचाने के लिए बाढ़ खंड के अभियंताओं को दिन-रात निगरानी करनी पड़ी। कुछ दिनों तक स्थिति शांत रहने के बाद बुधवार शाम किमी 13.980 पर ठोकर के पास अचानक नदी की धारा में बैक रोलिंग शुरू हो गई। इससे कटान होने लगा और बांध की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ गई।
कटान की सूचना पर बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे समेत अन्य अभियंता मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य के लिए पोकलैंड मशीन मंगाई गई और मिट्टी भरी बोरियां डालकर कटान रोकने का प्रयास किया गया। अभियंताओं की निगरानी में सुबह तक बचाव कार्य जारी रहा। एसडीओ दीपरतन सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बांध की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कटान की स्थिति दोबारा उत्पन्न होने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके।