पडरौना। वासंतिक नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को सुबह से देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। देवी स्थानों पर पूजन किया और सुख-समृद्धि के लिए मन्नतें मांगीं। कई श्रद्धालुओं ने अपने घर में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की।
नगर के बुढ़िया माई मंदिर, साहगंज स्थित दुर्गा मंदिर, लखराव दुर्गा मंदिर, खिरकिया दुर्गा मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों को चैत्र नवरात्र के एक दिन पहले ही आकर्षक ढंग से सजा दिया गया था। सुबह मंदिर के पुजारी ने महाआरती कर श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह खोल दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
जयमाता दी के जयघोष लगते रहे। लोगों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से बैरिकेडिंग कर महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था की थी। प्रमुख मंदिरों में महिला और पुरुष पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। श्रद्धालुओं ने पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में लगे मेले में खरीदारी की।
कसया संवाद के अनुसार, प्रथम दिन शहर के प्रसिद्ध श्रीनाथ मंदिर सहित क्षेत्र के सभी देवी मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन-पूजन किया। श्रीनाथ मंदिर के पुजारी राजन त्रिपाठी ने बताया कि बृहस्पतिवार से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हुई है, जो 27 मार्च तक चलेगा। इस वर्ष नवरात्र आठ दिनों का है। वहीं मां मैनपुर कोटेश्वरी देवी मंदिर और मां कुलकुला स्थान मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। इन मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
रामकोला संवाद के अनुसार, कस्बा समेत देहात क्षेत्र के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। धर्म समधा देवी मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी लाइटों से सजे देवी मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। भक्तों ने व्रत रखकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार, सेवरही क्षेत्र में वासंतिक नवरात्र कलश स्थापना और देवी के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री की पूजा के साथ ही शुरू हो गया। पहले दिन मिलिया माई दुर्गा मंदिर मालवीय नगर, सिंह भवानी दुर्गा मंंदिर गांधी नगर, जलपा माता मंदिर कतौरा, छतुवनिया माता मंदिर अवदान टोला, बेलवा माता मंदिर आजाद नगर, काली माता मंदिर अंबेडकर नगर, गुलरिया माता मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
लोगों ने मंदिरों में पहुंच कर देवी के प्रथम स्वरूप की पूजा अर्चना की और दुर्गा चालीसा व दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। पंडित नागेंद्र नाथ द्विवेदी का कहना था कि शक्ति की उपासना के लिए वासंतिक नवरात्र का विशेष महत्व है। इसमें देवी के नव स्वरूपों की विधि विधान से पूजा करने से सारे मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं।
नवरात्र के पहले दिन खिरकिया दुर्गा मंदिर परिसर में पुजा अर्चना करने के लिए जुटी लोगों की भीड़।
नवरात्र के पहले दिन खिरकिया दुर्गा मंदिर परिसर में पुजा अर्चना करने के लिए जुटी लोगों की भीड़।