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नवरात्र के अंतिम दिन पंडालों में उमड़े दर्शनार्थी

Tue, 11 Oct 2016 12:17 AM IST
kushinagar
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धमऱ् - फोटो : santosh verma
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पडरौना। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन भी दुर्गा पंडालों और मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दुर्गा पूजा समितियों के सदस्य और पुलिस दुर्गा पूजा संपन्न कराने में लगी रही। शाम को हवन-पूजन किया गया। नौ दिन उपवास करने वाले श्रद्धालुओं ने कुंवारी कन्याओं पूजन किया और उन्हें भोजन कराया।
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पडरौना नगर के छावनी मुहल्ले में स्थित श्री महादेव मंदिर पर दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्यों के प्रयास से पूजा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। इस कमेटी के सभी सदस्यों ने शाम को पंडाल में हवन-पूजन किया। पंडाल में मां दुर्गा और अन्य देवी देवताओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। इसी तरह मुगलपुरा, सुभाष चौक, मशीनरी मार्केट, धर्मशाला रोड, बावली, छुछिया गेट, बेलवा चुंगी, जटहां रोड, दरबार रोड, गायत्री मंदिर, अंबे चौक, गुदरी बाजार सहित सभी पंडालों में दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों ने हवन पूजन किया। शाम को पंडालों में आरती हुई, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल हुए। इसी तरह गायत्री शक्ति पीठ, दुर्गा मंदिर, अंबे मंदिर, हट्ठी माता मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में शाम को आरती हुई। इसी तरह जनपद के अन्य हिस्सों में भी हवन-पूजन के साथ नवरात्र समाप्त हो गया।
तमकुहीरोड रोड कार्यालय के अनुसार सेवरही क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों और देवी पंडालों में सोमवार को हवन-पूजन के बाद मां दुर्गा के जयकारे लगाए गए। सेवरही के बेलवा माता दुर्गा मंदिर, मिल गेट दुर्गा मंदिर, छतुवनिया माता मंदिर, जलपा माई मंदिर, बनही देवी मंदिर, काली माता मंदिर, पिंडी देवी मंदिर, बसई देवी मंदिर, सोना भवानी मंदिर सहित गांधीनगर, शास्त्रीनगर, जवाहरनगर, सुभाषनगर, इंदिरानगर, स्वर्णनगर, पटेलनगर, मालवीय नगर, राजपुर, मिश्रौली, पकड़िहार, दुबौली, पिरोजहां, रामजानकी चौराहा स्थित दुर्गा मंदिरों एवं देवी पंडालों में हवन-पूजन तथा कन्या पूजन करके सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस दौरान राधे रौनियार, लल्लन जायसवाल, रविप्रताप कुशवाहा, पप्पू दुबे, त्रिलोकी जायसवाल, नागेंद्र द्विवेदी, लव जायसवाल, नीरज गुप्ता, कृष्णा जायसवाल, बच्चा वर्मा, विनोद वर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे। रविवार की रात तमकुहीरोड कस्बे के पटेलनगर मुहल्ले में भगवती जागरण का आयोजन किया गया। नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूरी रात भजन सुना। इसका आयोजन अरविंद वर्मा की तरफ से किया गया। गणेश वंदना के बाद देवरिया के भजन गायकों ने पूरी रात भजन सुनाया। इस दौरान प्रमोद वर्मा, अरविंद वर्मा, दिनेश सोनी, भगवान रौनियार, रमेश व्याहुत, सरल वर्मा, नितेंद्र श्रीवास्तव सहित कई लोग मौजूद थे।
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पिपरा बाजार कार्यालय के अनुसार विशुनपुरा क्षेत्र के बलकुड़िया बाजार में 60 फीट ऊंचे पंडाल में मैहरवाली शारदा माता और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का दर्शन करने के लिए नवरात्र के अंतिम दिन भी तांता लगा रहा। इतने ऊंचे दरबार में जाने के लिए सीढ़ी बनाई गई है। इसका आयोजन कर रही नवदुर्गा पूजा समिति का गठन वर्ष 1982 में हुआ था, तब से इस समिति के सदस्य हर वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करते हैं। आयोजन कमेटी में शामिल हरिलाल चौरसिया, अमित जायसवाल, मुंशी चौरसिया, कमलेश गुप्ता, राजेश जायसवाल और अरविंद ने बताया कि दर्शन करने के लिए जटहां बाजार, पिपरा बाजार, नरचोचवा, धर्मपुर, रामनगर, बिरइठ, सिसवा गोइती, नरहरिया, घूरछपरा, मठिया प्रसिद्ध तिवारी सहित कई गांवों के लोग आ रहे हैं। पंडाल में 60 फीट ऊपर मैहर की शारदा मां के दर्शन के लिए सीढ़ी की व्यवस्था की गई है। एक ही स्थान पर दुर्गा भवानी, क्षीरसागर, माखन चोर कन्हैया, मदनपुर की देवी, भैरो आदि की भी मूर्तियां स्थापित हैं। पंडाल में दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए आयोजक समिति ने सीसीटीवी कैमरा लगाया है। सोमवार को नवरात्र के अंतिम दिन भी श्रद्धालुओं ने पंडाल में दर्शन किया।
 रामकोला में पिछले वर्षों की तरह इस बार भी रामकोला कस्बे में रावण का भव्य पुतला तैयार किया जा रहा है। मंगलवार को दशहरा मेला के दौरान रावण के इस पुतले का दहन होगा।  रामकोला की खेतान चीनी मिल के यार्ड में शौकत, विपिन, मनोज, भेली, दिनेश और सनी आदि कारीगर रावण के पुतले को तैयार करने में जुटे हैं। इन लोगों ने बताया कि पुतले में दस हजार रुपये के पटाखे, रंगीन कागज और रस्सी सहित कुल 80 हजार रुपये खर्च आएगा। मंगलवार को सुबह तक पुतला बनाकर तैयार कर दिया जाएगा। शाम को दशहरा मेला के दौरान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमानजी की झांकी निकाली जाएगी, जिसके बाद रावण का पुतला दहन होगा। रामकोला। सोमवार को सुबह से ही रामकोला सहित आस-पास के देवी मंदिरों भक्तों की भीड़ लगी रही। लोगों में विधि विधान से पूजा अर्चना कर मां दुर्गा को प्रसन्न करने का प्रयास किया। 
रामकोला के धर्मसमधा देवी मंदिर का कपाट सोमवार को सुबह पांच बजे खुलते ही देवी मां के भक्तों ने पूजा शुरू कर दी। कपूर, अगरबत्ती जलाया और नारियल भी चढ़ाया। भक्तों ने मंदिर में बने हवनकुंड में पुरोहितों की देखरेख में हवन किया। यहां मेला जैसा नजारा रहा। काफी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने कड़ाही भी चढ़ाई। 
मथौली बाजार कार्यालय के अनुसार मोतीचक क्षेत्र के अथरहां गांव में छोटी गंडक के किनारे स्थित बायसी माता के मंदिर में पूजा के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। यह मंदिर घने पेड़ों के बीच स्थित है। प्रत्येक चैत्र और शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु यहां काफी संख्या में दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। इस मंदिर के पुजारी विभूती कुशवाहा बताते हैं कि बायसी माता के मंदिर में पिछले 17 वर्षों से अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित हो रही है। मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु का माता कल्याण करती हैं। मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु तरह-तरह का चढ़ावा चढ़ाते हैं। इस बार भी शारदीय नवरात्र में कई गांवों के श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
पकड़ियार बाजार कार्यालय के अनुसार नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कलवारीपट्टी गांव में नवनिर्मित दुर्गा मंदिर में सोमवार को पूरे विधि विधान से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। इससे पहले गाजे-बाजे के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में शामिल लोग मां दुर्गा के जयकारे लगा रहे थे। 
कलवारीपट्टी गांव के प्रद्युम्र तिवारी, मृत्युंजय तिवारी, रामप्रकाश शाही, अभिषेक शाही, राघवेंद्र प्रताप शाही सहित गांव के काफी संख्या में स्त्री-पुरुष मंदिर परिसर में एकत्र हुए, जहां मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से पहले शोभा यात्रा निकाली गई। जयकार से पूरा मंदिर परिसर और गांव गूंज उठा।
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