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Kushinagar News: अकीदतमंदों ने अदा की बकरीद की नमाज, मांगी अमन चैन की दुआ

Fri, 29 May 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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जमा मस्जिद पिपरा कनक के प्रागढ में नमाज बाद गले मिल कर एक दूसरे को मुबारकबाद देते युवक।संवाद - फोटो : Archive
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पडरौना। जिले में ईद-उल-अजहा का त्योहार शांतिपूर्वक मनाया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने सुबह से ही मस्जिदों व इबादतगाहों में नमाज अदाकर मुल्क में अमन चैन और तरक्की की दुआ मांगी। एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। नमाज अदा करने के बाद गरीबों को भोजन और रुपये दिए। नमाज के दौरान सभी ईदगाह और मस्जिदों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। प्रशासन की तरफ से नामित मजिस्ट्रेट भ्रमण कर पल-पल की हर गतिविधि पर नजर बनाए रहे।
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पडरौना में नौकाटोला ईदगाह, कठकुइंया ईदगाह और छावनी स्थित ईदगाह के अलावा शहर के जामा मस्जिद में नमाज अदा की गई। नमाज अदा कर एक दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद देकर ईदगाह और मस्जिदों के बाहर गरीबों में भोजन और रुपये देकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जकात किया। इस मौके पर जिले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए। पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और संवेदनशील जगहों की ड्रोन से निगरानी की गई।
जानकीनगर संवाद के अनुसार बृहस्पतिवार की सुबह से ही ईद उल अजहा (बकरीद) की धूम देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चे सुबह से ही नए कपड़ो में सज धज कर ईदगाहों की तरफ चल दिए। ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े अकीदत के साथ नमाज अदा की। सभी ने बारगाहे इलाही में हाथ उठाकर मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआएं मांगीं। उसके बाद लोगों ने बकरे की कुर्बानी दीं।
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क्षेत्र के बंजारापट्टी ईदगाह में सुबह सवा सात बजे नमाज अदा की गई। मौलाना फकरुद्दीन निजामी ने कहा कि दो प्रमुख त्योहारों में ईद-उल-अजहा प्रमुख है। अल्लाह तआला को कुर्बानी बेहद पसंद है। उन्होंने बताया कि अल्लाह तआला ने उस समय के पैगंबर इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के लिए उनको ख्वाब दिखाकर अपने ही बेटे इस्माइल अलैहिस्सलाम को कुर्बानी करने का निर्देश दिया और वह अपने बेटे को कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए।
बाप और बेटे की मोहब्बत कही बीच में न आ जाए इसी लिए उन्होंने आंख पर पट्टी बांध ली और बेटे इस्माईल अलैहिस्सलाम को कुर्बानी देना शुरू कर दिया। जब अल्लाह ने देखा कि ये तो मुझे राजी करने के लिए अपने बेटे की वास्तव में कुर्बानी दे देंगे, तो फरिश्ते को हुक्म दिया कि जाओ उनके बेटे को वहां से हटा कर एक जानवर रख दो। कुर्बानी देने के बाद आंख से पट्टी खोल कर उन्होंने देखा तो बेटे की जगह बकरे की शक्ल में जानवर था। तभी से बकरे की कुर्बानी की परंपरा शुरू हो गई।
उन्होंने बताया कि कुर्बानी के गोश्त के तीन हिस्सों में करके पहला हिस्सा गरीबों में वितरण करना चाहिए व दूसरा हिस्सा दोस्त व रिश्तेदारों में व तीसरा हिस्सा अपने घर पर प्रयोग करना चाहिए। इसी तरह क्षेत्र डिघवा बुजुर्ग, नरकटिया, पतया, टेकुआटर, शामपुर हतवा, साखोपार, तुर्कवलिया, नरसर, सोहनरिया, परसौना, अर्जुनहा, सिधुआं बांगर भाठ, चौपरिया, बैजनाथपुर, बाजूपट्टी, बरवापट्टी, खुशीपट्टी आदि जगहों पर नमाज अदा की गई।
ईदगाह में नमाज के दौरान मौलाना हसमुद्दीन रजवी, सिकंदर आजम, जमालुद्दीन वारसी, अनवर, शेख अब्दुल समद, मुर्तजा वारसी, अशफाक आलम, मुदस्सिर,बेचू, मोहसिन अख्तर, इरशाद आदि आदि मौजूद रहे।
पिपरा कनक संवाद के अनुसार, पिपरा कनक स्थित जमा मस्जिद में क्षेत्र के पिपरा कनक, धुसवा, महरुटोला, गगलवा, चैन पट्टी, मीर बिहार, खुद्दी टोला, शाह टोला, मठिया, बोदा टोला, हसनपुरा आदि गांवों के मुस्लिम समाज के लोगों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। जमा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना शंम्शू जमा ने कहा कि कुर्बानी हजरत इब्राहिम अलेहिस्सलाम की सुन्नत है, जिसे हर सक्षम मुसलमान को अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं। इस दौरान ग्राम प्रधान मजीबुल होदा, साहिल सिद्दीकी, सेराज अहमद, उमर उर्फ सद्दाम, साजिद सिद्दीकी, अब्दुल क्यूम सिद्दीकी, खुर्शीद आलम, आमीर रजा, गोलू अहमद, सद्दाम शाह, नईम अहमद, बसरुदीन सिद्दीकी, नौशाद आलम, नसीबुल्लाह, एकबाल अहमद आदि मौजूद रहे।
बरवापट्टी संवाद के अनुसार, क्षेत्र में इदुल अजहा की नमाज अमवाखास के टोला बरवापट्टी, दशाहवा, रामपुर बरहन, दरोगाडीह, बकुलहवा, बिचपटवा, अमवादीगर, गौरीशुक्ल सहित कई ग्राम सभाओं में बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से लेकर आठ बजे तक ईदगाहों में बड़े ही अकीदत के साथ शांतिपूर्वक नमाज अदा की।
उजारनाथ संवाद के अनुसार, क्षेत्र के सेंदुरिया, मोगलपुरा, करमैनी, सपही, गगलवा, देवरिया वृत, अमरवा, पकड़ी आदि गांव में नमाज के बाद एक-दूसरे को गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार, सेवरही क्षेत्र में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाया गया। क्षेत्र के सेवरही, टिकुलिया, मेहदिया, कतौरा, बेलवारी पट्टी, परसा उर्फ सिरिसिया, दाहुगंज, डफाली टोला, सिराज नगर, पिपरा मुस्तकिल अगरवा, पकड़ीयार पूरबपट्टी, दोमाठ, अहिरौली मिश्र, बिशुनपूरा आदि गांव स्थित मस्जिदों और ईदगाहों में बड़े शिद्दत के साथ बकरीद की नमाज अदा की गई।
इस दौरान मुस्लिम धर्मगुरु शाबिर अली मिस्वाही, हाफिज हैदर, मौलाना इकबाल अहमद अमजदी, मौलाना अजहर, शाकिर अली, सफदर हुसैन खान, मुश्ताक अहमद, हासन अली, फैयाज अहमद, रेयाज हाशमी, जाकिर हुसैन आदि मौजूद रहे।
मथौली संवाद के अनुसार, क्षेत्र के लक्ष्मीपुर, नरायनपुर, मथौली नगर पंचायत, गौनरिया, देऊरवा और अजीजनगर गांव की मस्जिद और ईदगाहों में बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज के दौरान लोगों ने मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस दौरान मथौली चौकी इंचार्ज अंकित कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, अजय यादव, उपेंद्र कुमार, धीरेंद्र राय आदि क्षेत्र में भ्रमण कर शांति पूर्व व्यवस्था की निगरानी करते दिखे।
जौरा बाजार संवाद के अनुसार, नदवाबिशुनपुर, कनौरा, नटवा, लक्ष्मीपुर, पोखर भिंडा, धौरहरा, दहारीपट्टी, माधोपुर आदि गांव के मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारा कायम रखने की दुआ मांगी।
सुकरौली संवाद के अनुसार, हाटा स्थित मदनी मस्जिद में ईस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों ने बड़े ही अकीदता के साथ बकरीद की नमाज अदा कर अमन में शांति और सौहार्द की कामना की। इस दौरान हाटा एसडीएम योगेश्वर सिंह, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ कसया कुंदन सिंह, कोतवाल संजय दुबे की अगुवाई में मस्जिद के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहे।
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