पिपरा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बलकुड़िया गांव निवासी साइकिल सवार की रविवार को रोलर के नीचे दबकर मौके पर ही मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव गांव पहुंचा तो मुआवजे की मांग को लेकर गांव वालों ने सोमवार को सड़क जाम कर दी। शव को सड़क पर रखकर गांव के लोग प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। गांव वालों के विरोध प्रदर्शन से करीब दो घंटे तक पडरौना-बलकुड़िया मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
थाना क्षेत्र के बलकुड़िया गांव निवासी अंगद यादव (47) जिला मुख्यालय के एक स्कूल में काम करते थे। वे रविवार को सुबह करीब 10 बजे स्कूल जा रहे थे। तभी अकबरपुर गांव के बड़वा छापर के समीप सड़क निर्माण के दौरान रोलर के नीचे दब गए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों व स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद निर्माणाधीन सड़क पर काम करने वाले मजदूर रोलर लेकर वहां से भाग निकले। पोस्टमार्टम के लिए जब शव गांव पहुंचा तो गांव वालों ने मुआवजा की मांग को लेकर सोमवार की सुबह करीब आठ बजे पडरौना-बलकुड़िया मार्ग को जाम कर दिया। गांव वालों का कहना है कि अंगद यादव का परिवार गरीब है। उनकी मौत से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में उसे मुआवजा दिया जाए।
सड़क जाम की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह ने नाराज गांव वालों को समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे बाद परिजन व गांव के लोग मान गए और शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तरफ से अब तक तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।