पडरौना शहर में चप्पल जूता की दुकान पर खरीदारी करते लोग। संवाद
पडरौना। मानसून की दस्तक से बाजार में रबर चप्पल और वाटरप्रूफ फुटवियर की मांग बढ़ गई है। स्कूल खुलने से बच्चों के रेन शूज, क्रॉक्स और वाटरप्रूफ सैंडल की डिमांड सबसे ज्यादा है। दुकानों में 150 रुपये वाली साधारण चप्पलों से लेकर 1200 रुपये तक के ब्रांडेड बरसाती जूते रखे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि अभी तो आहट पर ही बिक्री 20 प्रतिशत बढ़ गई है। बारिश शुरू होते ही सेल में और उछाल आने की उम्मीद है।
जून के आखिरी हफ्ते से ही मौसम में बदलाव के साथ बाजार का मिजाज भी बदल गया है। कोतवाली रोड, केसरा टोली रोड, रामकोला रोड और मेन बाजार की फुटवियर की दुकानों पर रबर की चप्पलें, स्लीपर और वाटरप्रूफ सैंडल के स्टॉल सज गए हैं। वहां सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी है। अभिभावक बच्चों के लिए वाटरप्रूफ फुटवियर ले रहे हैं, ताकि कीचड़ में जूते-मोजे खराब न हों। लाइट वाले क्रॉक्स, कार्टून प्रिंट वाली चप्पल और एडजस्टेबल स्ट्रैप वाले बरसाती सैंडल सबसे ज्यादा बिक रहे हैं।
जूता-चप्पल के व्यापारी अशोक खेतान ने बताया कि इस बार बाजार में कई वैरायटी की चप्पले आई हैं। लोकल रबर चप्पल 150-250 रुपये में मिल जा रही है। महिलाओं के लिए डिजाइनर स्लीपर 350-600 रुपये की रेंज में हैं। पुरुषों के लिए स्पोर्ट्स लुक वाले वाटरप्रूफ सैंडल 500-800 रुपये में हैं। वहीं ब्रांड के बरसाती जूते 700 से 1200 रुपये तक के हैं। एंटी-स्लिप सोल और एड़ी वाली चप्पलों की डिमांड ज्यादा है ताकि फिसलन से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि बारिश पूरी तरह शुरू नहीं हुई। फिर भी पिछले 10 दिन में बिक्री करीब 20 प्रतिशत बढ़ गई है।