कपड़े की दुकान में खरीदारी करते लोग। संवाद
पडरौना। सहालग में रेडिमेड कपड़ों की मांग बढ़ गई है। कपड़ों की सिलाई महंगी होने के चलते लोग रेडिमेड कपड़ों को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में रेडिमेड दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है।
सहालग शुरू होने पर बाजार में सभी तरह के दुकानों पर भीड़ बढ़ जाती है। इसके चलते दोपहर बाद बाजार में चहल-पहल बढ़ी है। सहालग शुरू होने के चलते इन दिनों वैवाहिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू होने लगा है। इसमें शामिल होने या उपहार देने के लिए लोग कपड़ों की खरीदारी करने में जुटे हैं। बाजार में रेडिमेड की दुकानों पर ग्राहकों की अधिक भीड़ देखी जा रही है। शहर के एक रेडिमेड
दुकानों पर खरीदारी कर रहे शिवपुर के हरेंद्र जायसवाल, मटिहनिया के पवन सिंह ने बताया कि कपड़ों की सिलाई महंगी है। पैंट और शर्ट सिलवाने में करीब 800 रुपये सिलाई देनी पड़ती है।
इसके बाद पहनने लायक कपड़ा भी करीब 1000 रुपये से कम नहीं मिलता है। यह दोनों मिलाकर एक सेट पकड़ा खरीदने में 1800 से 2000 रुपये पड़ जाता है, जबकि रेडिमेट दुकान पर 1000 से 1200 रुपये में बढिया पैंट और शर्ट मिल जाएगा। वहीं सिलाई का काम करने वाले बेलवा चुंगी के इस्तयाक अंसारी, रियाजुद्दीन अली आदि ने बताया कि बीते करीब दो-तीन वर्ष पहले लगन के समय सिलाई के लिए इतने कपड़े आते थे कि फुर्सत नहीं मिलती थी, लेकिन अब पहले की तरह अब काम नहीं मिल रहा है।