पडरौना। बाल वाटिका से कक्षा दो तक के बच्चों का निपुण आकलन किया जाना है। इसके लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को विद्यालयों में भेजा जाएगा। इसके बाद वह कक्षा एक और दो के बच्चों का निपुण आकलन करेंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग और डायट की ओर से तैयारी चल रही हैं।
जिले के प्राथमिक स्कूलों को निपुण बनाने के लिए विभाग की ओर से दक्षताएं निर्धारित की गई हैं। गणित और भाषा में बच्चों को निपुण बनाने के लिए जो दक्षता निर्धारित की गई है, उन्हें पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को बताया भी गया है। सभी बैठकों में इस बात को लेकर योजनाएं भी बनती रहीं हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की तरफ से अब डीएलएड प्रशिक्षकों के जरिए स्कूलों में निपुण का मूल्यांकन कराया जाएगा। डॉयट में निपुण मूल्यांकन के लिए टीमों का गठन किया जाएगा। निपुण मूल्यांकन की रिपोर्ट देंगे।
शासन के निर्देश पर डीएलएड प्रशिक्षु परिषदीय स्कूलों में निपुण अभियान के तहत मूल्यांकन करेंगे। इसके लिए डायट स्तर से टीम बनाई जाएगी। - डॉ. राम जियावन मौर्या, बीएसए।