आईजीआरएस की शिकायतें समय से निपटाएं, डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं रहना चाहिए कोई प्रकरण
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में बोले डीएम
पडरौना। राजस्व वादों के निस्तारण में देरी, जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही चेताया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम संजय चौहान ने स्वामित्व योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और अंश निर्धारण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्राप्त आवेदनों की गहन जांच करने और सभी पात्र किसानों व उनके आश्रितों को नियमानुसार जल्द लाभ दिलाने के निर्देश दिए। रियल टाइम खतौनी के कार्यों में तेजी लाने के साथ राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने में शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) के माध्यम से होने वाली वसूली पर विशेष नजर रखी जाए।
डीएम ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत पैमाइश और सीमांकन, धारा 67 के तहत अतिक्रमण व अनधिकृत कब्जे तथा धारा 116 के तहत कुर्रा और बंटवारे से संबंधित मामलों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार पैमाइश के बाद पत्थर नसब किए जाने पर यदि कोई व्यक्ति उसे उखाड़ता है या उसके साथ छेड़छाड़ करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि हर शिकायत का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में लंबित नहीं रहना चाहिए।