फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकर संक्रांति के लिए सजा बाजार

Tue, 09 Jan 2018 12:14 AM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
विज्ञापन
सजी दुकान। - फोटो : कुश्‍ाीनगर ब्यूरो
विज्ञापन
पडरौना। मकर संक्रांति के त्यौहार के लिए बाजार में दुकानें सज गई हैं। ठंड के चलते ग्राहक कम तो जरूर हैं, लेकिन बाजार में रौनक है। तिल, चावल, मक्का, मूंगफली आदि की खरीदारी अभी से लोग कर रहे हैं। सोमवार को पडरौना नगर के चावल मंडी में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक कई दुकानों पर मोल भाव कर रहे थे।
विज्ञापन


 मकर संक्रांति के बाद से ही औसत तापमान में सुधार होने लगता है। धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उस त्योहार के लिए ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं शहरी इलाकों में भी महिलाएं सप्ताह भर पहले से तैयारी शुरू कर देती हैं। लोग अपने घर के अलावा रिश्तेदारी में खिचड़ी भी भेजते हैं। पहले गांवों में भड़भूजा बिरादरी के लोग भूजा भूजते थे। चावल आदि की तैयारी घर में ही होती थी, लेकिन अब इसमें बदलाव आ गया है। मकर संक्रांति के पर्व से जुड़े सामान भी बाजार के हवाले हैं। आज भड़भूजा के भूजा की जगह प्लास्टिक पैक में विभिन्न कंपनियां भी भूजा बेंचने लगी हैं। हालांकि इन सबके बीच पडरौना नगर में अभी भी कुछ जगहों पर भड़भूजा का कार्य हो रहा है। 
मकर संक्रान्ति के त्यौहार पर लोग अपने घरों में भूजा और गुड़ से तैयार लाईं बनाते हैं। लोगों की व्यस्तता इतनी बढ़ गई है कि अब वे भूजा के लिए भड़भूज के यहां जाने की बजाय बड़ी दुकानों से प्लास्टिक की थैलियों में आ रहे भूजा को ही खरीद रहे हैं। दरबार रोड के किराना व्यापारी सतीश बताते हैं कि हर दिन इस तरह के 10-12 ग्राहकल् आ रहे हैं। जैसे-जैसे वक्त बढ़ेगा प्लास्टिक की बोरियों में पैक भूजा की बिक्री बढ़ती जाएगी। 
विज्ञापन


पडरौना की चावल मंडी में पिछले दो दशक से भूजा भुनने का कार्य करने वाली कृष्णा बताती हैं कि अब इस पुश्तैनी व्यापार से जीवन यापन मुश्किल है। महज एक दशक पहले तक चूल्हे में आग जलाने के बाद फुर्सत ही नहीं मिलती थी, परंतु अब काम नहीं मिलता। लोग अगर आते भी हैं तो उन्हें पहले से तैयार भूजा चाहिए। थोड़ी सी देर होते ही लोग दूसरी दुकान से बोरियां खरीदकर चल देते हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें