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Kushinagar News: तीस घंटे बाद मिला गंडक नदी में डूबे युवक का शव, गांव में मचा हड़कंप

Wed, 20 Jul 2022 01:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
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शव को खोजकर नदी से बाहर निकालते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाना क्षेत्र के चैनपट्टी गांव के पास गंडक नदी में डूबे युवक का शव, 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खोज लिया गया। शव मिलते ही उसके परिवार में चीखपुकार मच गई।

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तरयासुजान थाना क्षेत्र के भगवानपुर ग्राम सभा के माफी टोला निवासी विपिन मद्धेशिया (22) पुत्र पन्नालाल मद्धेशिया, सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गांव के लोगों के साथ चैनपट्टी गांव के पास गंडक नदी के एपी तटबंध पर गया था।

वहां गंडक नदी में जल भरते समय उसका पैर फिसल गया और गहरे पानी में चल गया। उसकी काफी खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला। सूचना मिलते ही तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक सहित तरयासुजान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
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अधिकारियों के निर्देश पर शाम को एसडीआरएफ की टीम बुलाकर युवक की खोज कराई गई, लेकिन देर शाम तक उसका पता नहीं चला। सोमवार से ही उसके परिवार में चीख-पुकार मची थी। मंगलवार को तरयासुजान थाने के एसओ राजेंद्र सिंह, एसडीआरएफ के प्रभारी विश्वंभर दयाल, ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, रामाधार यादव सहित पीड़ित परिवार के लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे।

 

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एसडीआरएफ ने नदी में नाव उतारकर विपिन की खोजबीन की। बिरवट कोंहवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनियापट्टी, अहिरौलीदान और बिहार सीमा तक तलाश की गई। दिन के तकरीबन साढ़े तीन बजे घटनास्थल से लगभग सौ मीटर की दूरी पर विपिन का शव मिला। बताया जाता है कि विपिन ने सब इंस्पेक्टर की परीक्षा को उतीर्ण कर लिया था। उसे 20 जुलाई को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जाना था, लेकिन इसी बीच यह घटना हो गई।

नाव का इंजन हुआ फेल, मची अफरा-तफरी

चैनपट्टी में एसडीआरएफ की टीम के साथ एक बड़ी नाव से 36 लोग भी लापता युवक को खोजने के लिए नदी में निकले थे, लेकिन बिरवट कोंहवलिया गांव के सामने नाव का इंजन अचानक बंद हो गया और नाव नदी के बहाव के साथ बहने लगी। इससे नाव पर सवार प्रधान दिनेश जायसवाल व पूर्व प्रधान रामाधार यादव सहित सभी 36 लोग नदी के बीच मझधार में फंस गए। उनमें अफरा-तफरी मच गई। बाद में किसी तरह लोगों ने नाव को नियंत्रित किया और उसे रस्सी से बांधने में सफल रहे। लगभग तीन घंटे की अफरा-तफरी के बाद दूसरी नाव भेजी गई, तब जाकर सभी सकुशल वापस लौटे।
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