पडरौना। प्रमुख मार्गों पर बढ़ती गंदगी व अतिक्रमण के चलते राहगीरों व गाड़ी चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर इनकी वजह से हादसे भी हो रहे हैं। कई जगह तो लोग सड़कों के किनारे पुआल व गन्ने की पत्ती का ढेर तक लगा दे रहे हैं। जिले की सीमा में करीब 80 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क हैं। एनएच 28 बी की लंबाई भी करीब 60 किलोमीटर है।
इसके अलावा पडरौना-जटहां मार्ग, पडरौना-तमकुहीरोड मार्ग, पडरौना-कप्तानगंज मार्ग, कसया-सेवरही मार्ग, कसया-रामकोला मार्ग आदि सड़कें भी हाइवे की तरह ही व्यस्त रहती हैं। इसके अलावा इन सड़कों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर भी वाहनों का दबाव रहता है परंतु शहरी क्षेत्र के बाहर इन सड़कों की पटरियों पर अतिक्रमण व गंदगी बड़ी परेशानी का सबब बनती जा रही है।
पडरौना-कुबेरस्थान मार्ग से निकलकर शिवपुर होते हुए सपहा तक जाने वाली सड़क की हालत भी ठीक नहीं है। हरका, मोतीललहां, होरलापुर, बालखंडी, पिपरासी बढ़वलिया, शिवपुर, सखवनिया समेत 50 से अधिक गांवों के लोग इस रास्ते आते-जाते हैं। यह सड़क एक तरफ से पडरौना-कसया मार्ग के लिए बाईपास का कार्य भी करती है। परंतु इसके किनारे भी गंदगी व झाड़ियों का अंबार है। सखवनिया से कुबेर स्थान जाने वाली सड़क का भी यही हाल है। गांवों के आसपास सड़क से सटे ही लोगों ने गोबर, पुआल, गन्ने की पत्ती आदि रख दी है। कई जगह आबादी के नजदीक इन सड़कों के दोनों तरफ लोग शौच भी करते हैं। इसके चलते आवागमन में और दिक्कत होती है।