दुदही। कुश्ाीनगर के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की चंपारण यात्रा से जुड़े दुदही के सुराजी बाजार में इस बार गांधी चबूतरे पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया जाएगा। बीते 28 वर्षों से विवाद के कारण यहां ध्वजारोहण नहीं हो रहा था। विवाद खत्म होने के बाद युवकों ने इस ऐतिहासिक स्थल पर ध्वजारोहण की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1917 में गांधी जी की चंपारण यात्रा के बाद से दुदही क्षेत्र में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गतिविधियां तेज हुई थीं। दुदही बाजार में पोखरे के पास एक जगह पर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े लोग बैठक कर अपनी रणनीति बनाते थे। इस जगह को बाद में सुराजी बाजार के नाम से जाना जाने लगा। गांधी जी के निधन के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू गेंदा सिंह, लुटावन प्रसाद, श्रीकिशुन गुप्ता, गया प्रसाद आदि ने बैठक वाली जगह पर गांधी चबूतरा का निर्माण कराया। इस जगह पर वर्ष 1989 तक राष्ट्रीय पर्व पर झंडा फहराया जाता था।
इसमें से दो डिस्मिल जमीन प्राथमिक विद्यालय को दे दी गई, जबकि चार डिस्मिल जमीन एक व्यक्ति के नाम से आवासीय पट्टा कर दिया गया। शेष बची दो डिस्मिल जमीन भी दो लोगों को पट्टे पर दे दी गई। जमीन का पट्टा होने व चबूतरे का वजूद खत्म होने की वजह से यहां ध्वजारोहण की परम्परा भी बंद हो गई। कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो पट्टा निरस्त कर दिया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुंदन, सुनील यशराज, रवि वर्मा, सुनील गुप्त, ओमप्रकाश कुशवाहा आदि ने गांधी चबूतरे पर फिर से ध्वजारोहण की परम्परा शुरू करने के लिए परिसर की सफाई की है। इस बार 26 जनवरी को यहां झंडा रोहण किया जाएगा। इन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यहां फिर से चबूतरा बनाने की मांग की है।