तमकुहीराज। एनएच-28 के रास्ते बिहार से गोरखपुर तक संचालित की जा रही बसें लोगों की जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ रही हैं। बिना परमिट चलने वाली बसों की छतों पर भी यात्रियों को बिठाया जा रहा है। ऐसे में संचालकों की मनमानी से बड़ा हादसा हो सकता है।
हाईवे पर अधिकांश समय सक्रिय रहने वाले एआरटीओ की भी इन बसों पर नजर नहीं पड़ रही है। सूत्रों की मानें बिहार से कुशीनगर के रास्ते लंबी दूरी की चलने वाले ट्रैवल एजेंसी की बसों का परमिट नहीं है, लेकिन विभागीय सेटिंग से ऐसी 40 से अधिक बसे जिले से प्रतिदिन गुजरती हैं। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र से हाईवे के रास्ते बिहार जाने वाले प्राइवेट बस के चालक व परिचालक मनमानी करते हुए यात्रियों को बस की छत पर बैठा कर यात्रा कराते हैं। मंगलवार की दोपहर हाईवे के रास्ते बिहार जा रही एक बस की छत पर कुछ यात्री बैठ कर तो कुछ सो कर यात्रा कर रहे थे। कुंभ व त्योहारों का सीजन होने के कारण गोरखपुर से बिहार के बथना, बलथरी, कुचायकोट, सासामूसा आदि स्थानों की यात्रा करने वाले लोगों को बस चालक छत पर बैठा कर यात्रा करा रहे थे।
सूत्र बताते हैं कि बिहार से संचालित होने वाले निजी बसों के मालिक गोरखपुर सहित जिले के परिवहन विभाग के जिम्मेदारों से तालमेल बैठा कर बसों का संचालन कराते हैं, इसलिए जिम्मेदार कार्रवाई से परहेज करते हैं।
एआरटीओ मोहम्मद अजीम ने बताया कि बस की छत पर यात्रियों को बैठाना गलत है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।