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Kushinagar News: चक्रवाती तूफान ने शहर से गांवों तक मचाई तबाही

Sat, 01 Jun 2024 04:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। बृहस्पतिवार की रात आए चक्रवाती तूफान ने शहर से ग्रामीण इलाकों तक तबाही मचाई। जिले में एक हजार से अधिक बिजली पोल टूट गए हैं। आंधी ने पडरौना डिवीजन में ही 622 पोल तोड़ दिए, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रविंद्रनगर फीडर से जुड़े ऑफीसर कॉलोनी की बिजली शुक्रवार दोपहर बाद बहाल हो सकी। सबसे अधिक तबाही कोटवा और खड्डा क्षेत्र में हुई है। इस फीडर से जुड़े 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घर 20 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। हालांकि, शहरी इलाकों में क्षतिग्रस्त पोल और तार को सही कर रात करीब 12 बजे के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। पिपरा बाजार क्षेत्र के कई गांवों में लोगों के घर पर पेड़ गिर गए हैं। खड्डा क्षेत्र के कई गांवों में पेड़ गिर गए झोपड़ी और टिनशेड उड़ गए। केले की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
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रविंद्रनगर, दुदही और कोटवा फीडर के अलावा पडरौना डिवीजन के अन्य इलाकों में अंधेरे में पूरी रात गुजारनी पड़ी। रविंद्रनगर फीडर से जुड़े ऑफिसर कॉलोनी और सरकारी कार्यालयों में करीब 18 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। पडरौना के एक्सईएन इंद्रराज यादव ने बताया कि डिवीजन क्षेत्र 622 बिजली के पोल टूट गए थे। आंधी और बारिश से दुदही, कोटवा और खड्डा उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में अधिक नुकसान हुआ है। इस क्षेत्र के 20 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप है। पेट्रोलिंग कर टूटे बिजली के पोल और तार की जानकारी जुटाई गई है। वहां भी मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है। इन इलाकों में शीघ्र बिजली आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार चक्रवाती तूफान में 200 से अधिक पोल तार समेत टूट कर गिर गए। कई लोगों की झोपड़ियां और टिनशेड उड़ गए। कुछ लोगों के मकान पर पेड़ गिर गए। सड़क पर पेड़ गिरने से कई घंटे यातायात बाधित रहा। रेलवे स्टेशन रोड के किनारे पेड़ उखड़ गए। काली मंदिर पर पेड़ गिर गया। खड्डा-भैसहा मार्ग पर पेड़ गिरने से मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। तुर्कहां सीएचसी में पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। लखुआ लखुई गांव में दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत हो गई। चीनी मिल परिसर, रेलवे काॅलोनी, थाना परिसर, सिंचाई विभाग आदि स्थानों पर पेड़ गिर गए। गल्ला मंडी सहित कई मोहल्लों में पेड़, बिजली पोल, तार और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए।
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खड्डा-नेबुआ मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब चार घंटे यातायात बाधित रहा। करदह गांव में रवि कुमार सहित पांच से छह लोगों के फूस के घर व टिनशेड ध्वस्त हो गए। जेई प्रभात दूबे ने बताया कि आंधी से करीब 185 एलटी/एचटी लाइन के पोल व तार और 56 से अधिक 33 केवीए के तार टूट गए हैं। 35 से अधिक ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हैं। 75 से ज्यादा मतदेय स्थलों की आपूर्ति बाधित है। मतदेय स्थलों सहित क्षेत्र की बिजली बहाल करने के लिए तेजी से कार्य चल रहा है।
मंसाछापर प्रतिनिधि के अनुसार, जरार और मनिकौरा उपकेंद्र से जुड़े करीब 90 से अधिक गांवों में गुल है। पडरौना-जटहां मार्ग पर जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। पडरौना से बलकुडि़या जाने वाले मार्ग पर भी यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। जटहां बाजार, कटाई भरपुरवा, एकवनही, पकहां, पखनहा, अरनहवा, चिरईहवा, बबुईया हरपुर, पर्वत छपरा, पुर्नहा बुजुर्ग आदि गांवों में केले की फसल की क्षति हुई है। झोपड़ियां व टिनशेड उड़ गएं हैं और कई पेड़ भी गिर गए हैं।
पिपरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी से अकबरपुर, नरचोचवा, दुबौली, बलकुड़िया, पिपरा बुजुर्ग सहित कई गांवों में बिजली पोल व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। क्षेत्र में आपूर्ति ठप है। अकबरपुर के विजय शंकर, राजेश, महातम यादव, मुरारी शर्मा समेत कई लोगों के टिनशेड पर पेड़ गिर गए। नरचोचवा गांव के पास बिजली पोल गिर गए हैं। बलकुड़िया के कन्हैया जायसवाल के घर के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रंगपुर के जयप्रकाश के मकान पर पीपल का पेड़ गिर गया। चंदन बरवा में हरिराम गुप्ता की दो झोपड़ियां गिरने से पड़ोस के शशिपाल गुप्ता की बाइक और ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया। कोटवा-घुघुली मुख्य मार्ग स्थित अकबरपुर, नरचोचवा, दुबौली, बलकुड़िया, तेजवलिया, पिपरा बुजुर्ग सहित कई सड़कों पर पेड़ गिरने से सड़क पर आवागमन बाधित रहा।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, आंधी-बारिश के चलते राजापाकड़ में 33 हजार की लाइन में फाल्ट से ब्रेकडाउन हो गया। करीब पांच घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। बनरहा पश्चिम पट्टी में तार टूट गया।किदवई नगर स्थित 250 केवीए के ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया और तेल का रिसाव होने लगा था। कर्मचारियों ने घंटों मशक्कत के बाद सही किया और आपूर्ति बहाल की। कस्बे के जयंत गुप्ता, लव जायसवाल, अनुज सोनी, इमरान अजमेरी, आदित्य वर्मा आदि का कहना है कि जब तक जर्जर तार व खंभों को बदला नहीं जाएगा। इस तरह की समस्या से लोगों को जूझना पड़ेगा। जेई विकास कुमार साहनी का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते जगह-जगह फाल्ट हो रहे है। उसका त्वरित समाधान कराया जा रहा है।
पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, रायपुर गांव में पेड़ गिरने से जयप्रकाश का घर गिर गया। उसमें दबने से चना देवी, निधि व करन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को कोटवा सीएचसी से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया गया। मडार विंदवलिया के ओमप्रकाश पांडेय की 2.5 एकड़ केले की फसल, कुर्मी पट्टी के अमित कुशवाहा की दो एकड़ केले की फसल, क्रांति चौराहा निवासी बृजेश सिंह की तीन एकड़ केले की फसल के साथ देवतहा, कौआसार, पकड़ियार गांवों में सैकड़ों किसानों की केले की फसल बर्बाद हो गई है। नौरंगिया-घुघली मार्ग पर दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। बिहारी छपरा चौराहे पर टिनशेड की दुकानें उड़ गईं। क्रांति की कैलाशी देवी का टिनशेड आंधी से उजड़ गया है।
आंधी से कुर्मी पट्टी ट्रांसमिशन से उप केंद्र कोटवा को जोड़ने वाली 33 केवीए की लाइन पर जगह-जगह पेड़ गिरने से पोल-तार गिर गए हैं। बृहस्पतिवार की रात से ही कोटवा उपकेंद्र से जुड़े 130 गांवों के 40 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल है। परिक्षेत्र में 33 केवीए लाइन में 43 पोल, 11 केवीए लाइन में 153 पोल और एलटी लाइन में 91 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। शाम तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई थी। एसडीओ रूपेश कुशवाहा ने बताया कि रात से ही मरम्मत का कार्य चल रहा है।

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14 घंटे ठप रही ट्रेन का आवागमन

खड्डा। चक्रवाती तूफान के दौरान गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर सिसवा-खड्डा, पनियहवा और बिहार के बगहा रेल स्टेशन के बीच रेल लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे रेल लाइन पर लगे ओएचई केवल क्षतिग्रस्त हो गया। इससे इस रेल मार्ग पर रात करीब आठ बजे से शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। दरभंगा से आनंद विहार जा रही अमृत भारत ट्रेन सहित अन्य ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। गोरखपुर से दो ओएचई निरीक्षण यान (टाॅवर बैगन) को मंगाकर टूटे तार की मरम्मत कर रेल लाइन पर गिरे पेड़ को हटवाया गया। इसके बाद इस रेलमार्ग पर यातायात बहाल हो सका।
केला किसानों के समक्ष रोटी का संकट
खड्डा। चक्रवाती तूफान से क्षेत्र के केला के फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बैंक या अन्य स्रोत से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने अब रोटी का संकट हो गया है।
क्षेत्र के रामपुर जंगल गांव निवासी चंद्रभान गुप्ता, धमेंद्र, रामनरायण, चंडी, बिहारी, लोहा, सुरेश आदि किसानों ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड व साहुकारों से कर्ज लेकर केले की खेती की थी। फल आने शुरू हो गए थे। बृहस्पतिवार की रात चक्रवाती तूफान ने केला की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। गांव के किसानों ने करीब 70 एकड़ में गन्ने की फसल लगाई थी। वह पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने सरकार से अहेतुक सहायता की मांग की है।
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