चैनपट्टी गांव के सामने एपी बांध पर कटान शुरू
एपी बांध के ठोकर पर नदी ने शुरू की कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार काफी मात्रा में गंडक नदी में पानी छोड़े जाने से चैनपट्टी गांव के सामने एपी बांध के किलोमीटर 3.000 पर बने सोमवार की सुबह कटान शुरू हो गई। इसकी सूचना मिलते ही बाढ़ खंड के अभियंता मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू करा दिए।
गंडक नदी में डिस्चार्ज बढ़ने से 17 किलोमीटर में फैले एपी बांध पर पानी का भारी दबाव व कटान का खतरा बना हुआ है। सोमवार को सुबह से चैनपट्टी गांव के सामने अचानक पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि किलोमीटर 3.000 पर बने ठोकर पर कटान करने लगी। बाढ़ खंड के एसडीओ सहित अन्य अभियंता पहुंचे और वहां बचाव कार्य शुरू करा दिया है। इसी तरह का दबाव बिनटोली, घघवा जगदीश, बाक खास, बाघाचौर, नोनियापट्टी और कचहरी टोला में भी बना हुआ है। इसकी निगरानी में अभियंता जुटे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि इसी तरह वर्ष 2007 में घघवा जगदीश के पास एपी बांध कट गया था और लोगों को महीनों तक बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ी थी। बाढ़ खंड के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि ठोकर के एक हिस्से पर नदी का दबाव बना था। उसे नियंत्रित कर लिया गया है।
अभियंताओं ने नुकसान का जायजा लिया
लक्ष्मीगंज। लगातार हो रही बारिश से खोटही गांव के बरवाडीह, विश्वनाथपुर, खैरटिया, काशी छपरा आदि टोले के किसानों की गन्ना, धान, मूंगफली, हल्दी आदि की फसलें डूब गई हैं। सोमवार को इसकी जानकारी होने पर बाढ़ खंड जेई रवि कन्नौजिया ने पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान लेखपाल राहुल दीक्षित और आशुतोष भी मौजूद थे। जेई ने बताया कि किसानों की फसलों के नुकसान की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। संवाद