वायरल बुखार, खांसी और चर्म रोग के मरीज पहुंचे, दवा के साथ डॉक्टर ने दिए सुझाव
खजुरी और चखनी भूमिहारी में चिकित्सकों की गैरमौजूदगी में ही आयोजित हुआ मेला
60 प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 1758 मरीजों का हुआ इलाज
पडरौना। बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को जिले के न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के खजुरी और चखनी भूमिहारी में चिकित्सकों के नहीं पहुंचने से स्वास्थ्य मेले की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। यहां मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के बजाय दवा देकर घर भेजा गया। मेले में 60 प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 1758 मरीजों ने इलाज कराया।
शहर के गायत्री नगर में संचालित नगरी पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. उमर रजा ने बताया कि रविवार को आयोजित सीएम आरोग्य मेला में दोपहर दो बजे तक कुल 54 मरीज आए थे। इसमें वायरल के मरीज सर्वाधिक थे। लोग दवा लेने के बाद भी सात से आठ दिन तक सर्दी, बुखार कम नहीं होने की शिकायत कर रहे थे। वहीं जिन महिलाओं ने शनिवार को व्रत रखी थी उन्हें डिहाड्रेशन की परेशानी थी। उन्होंने बताया कि इस समय मौसम में तेजी से उतार चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में थोड़ी से लापरवाही बीमारी का कारण बन सकती है।
पकड़ियार बाजार संवाद के अनुसार न्यू पीएचसी खजुरी में रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में चिकित्सक मौजूद नहीं थे। केंद्र पर वार्ड ब्वॉय बिपिन त्रिपाठी और लैब टेक्नीशियन जमशेद ही मिले। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मेले में पहुंचे मरीजों को दवा देकर घर भेजा गया। इससे ग्रामीणों को चिकित्सकीय परामर्श का लाभ नहीं मिल सका।
न्यू पीएचसी चखनीभूमिहारी में सुबह 11 बजे तक स्वीपर जयराम खरवार और स्टाफ नर्स रेनू भारती ही मौजूद थीं। मरीजों को दवा वितरण की जिम्मेदारी भी वार्ड बॉय ने निभाई। अन्य कर्मचारियों के बारे में पूछने पर मौजूद कर्मियों ने बताया कि वे बाद में आएंगे। ऐसे में आरोग्य मेले का उद्देश्य प्रभावित होता दिखा। इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। देर से पहुंचने और अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
लक्ष्मीगंज संवाद के अनुसार न्यू पीएचसी लक्ष्मीगंज में आरोग्य मेले के दौरान 47 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें बुखार, मधुमेह और रक्तचाप की शिकायत वाले मरीज शामिल रहे। लैब टेक्नीशियन तृप्ति के अनुसार मधुमेह और टायफाइड के आठ-आठ, डेंगू के पांच और क्षयरोग के एक मरीज की जांच की गई। पांच मरीजों की यूरिन और एक की रक्त जांच भी हुई। चिकित्सा प्रभारी डॉ. संतोष कुमार नायक ने मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए मच्छरदानी के प्रयोग और आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी।
उजारनाथ संवाद के अनुसार न्यू पीएचसी करमैनी में दोपहर दो बजे तक 36 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवा दी गई। डॉ. संजय कुमार ने चर्म रोग, खांसी, बुखार और पेट दर्द समेत विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच की। उन्होंने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। सांस, हृदय और रक्तचाप से संबंधित मरीजों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। मेले में एलटी जमील अहमद, रामजी कुशवाहा और सलोनी श्रीवास्तव मौजूद रहे।
मथौली संवाद के अनुसार पुरैनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में कुल 26 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार हुआ। मेले में बुखार, सर्दी-जुकाम, खुजली, सांस संबंधी बीमारी, गठिया, ब्लड प्रेशर, शुगर और पेट से संबंधित रोगों से पीड़ित मरीज पहुंचे। मेले में 15 मरीजों के रक्त की जांच की गई। महिलाओं की भी रक्त संबंधी जांच की गई। चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु सिंह ने मरीजों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श दिया। इस दौरान फार्मासिस्ट संतोष त्रिपाठी, फिरोज अंसारी आदि मौजूद रहे।