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होली के बाद खुला जिला अस्पताल, मरीजों व तीमारदारों की लगी भीड़

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जिला अस्पताल के ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। - फोटो : KUSHINAGAR
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होली के बाद खुला जिला अस्पताल, मरीजों व तीमारदारों की लगी भीड़
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इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक समय से नहीं बैठ रहे डॉक्टर, मरीजों को हो रही परेशानी
पडरौना। रंगों का त्योहार होली की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची काउंटर, ओपीडी, एक्सरे, पैथालॉजी सहित इमरजेंसी तक मरीजों और तीमारदारों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। अस्पताल प्रशासन की ओर से सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक कई डॉक्टरों की कुर्सी खाली रही। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को अस्पताल खुलते ही मरीजों की लंबी लाइन लग गई। पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष में मरीजों की खासी भीड़ रही। कुछ डॉक्टर मरीजों का उपचार करते दिखे। सबसे ज्यादा भीड़ ओपीडी में कमरा नंबर एक से लेकर चार तक रही। जबकि 11 बजे कक्ष संख्या दस में फिजिशियन डॉ. आलम मोहम्म्द मुस्तफा की कुर्सी खाली थी। कक्ष संख्या आठ में ईएनटी (नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ) डॉ. एके मल्ल भी मौजूद नहीं थे। कक्ष संख्या पांच में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं थे। जबकि कक्ष के सामने बोर्ड पर चार डॉक्टरों नाम अंकित था। कक्ष के बाहर तीमारदार बच्चों का उपचार कराने के लिए परेशान दिखे।
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अधिकांश डॉक्टरों के समय से नहीं बैठने से कुछ मरीज निजी अस्पतालों में उपचार कराने चले गए। तीमारदार सुुशीला, रामस्नेही, विजय, प्रभु, किशुन ने बताया कि इमरजेंसी में त्वरित उपचार के लिए मरीज आते हैं, लेकिन यहां डॉक्टर समय से नहीं बैठते हैं।
बेटी की तबीयत खराब है। सुबह नौ बजे जिला अस्पताल में पहुंच गया। लाइन में लगकर पर्चा बनवाने के बाद बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर दो घंटे से इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारी नहीं आए हैं।
गुलाब, किन्नरपट्टी
होली के दिन कान में मिट्टी व रंग पड़ गया है। इससे बहुत परेशान हूं। तीन घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं बैठे हैं।
जितेंद्र यादव, सिंगहां
डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में खड़ा था। भीड़ अधिक होने से धक्का-मुक्की में मेरा नंबर नहीं आया तो थककर बैठ गया हूं।
श्याम बिहारी, पनियहवा
होली के दिन चोट लग गई थी। उपचार कराने आई हूं। डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं बैठे हैं। अस्पताल में मिला एक व्यक्ति प्राइवेट में चलकर उपचार कराने के लिए जोर दे रहा है।
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इंदू देवी, तमकुहीरोड
कोट
ईएनटी डॉ. एके मल्ल की सोमवार को इमरजेंसी ड्यूटी थी। इसलिए वह ओपीडी में नहीं बैठे थे। बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में डॉ. सतीश रंजन को लगाया गया था। हो सकता है किसी कार्यवश कहीं गए हों। होली के बाद ओपीडी खुलने से भीड़ काफी अधिक थी।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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