पडरौना/कसया। जिले की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी है। गर्मी में बिजली आपूर्ति में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के लिए यह निर्णय हुआ है। निगम का कहना है कि अब लोगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए वर्तमान की बुनियादी ढांचा में वृद्धि व सुधार के लिए 32.89 करोड़ रुपये खर्च करने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। इससे गर्मी के मौसम में बिजली की ट्रिपिंग, लो वोल्टेज,फाल्ट और निर्बाध आपूर्ति होती रहेगी।
जिले में बिजली व्यवस्था की बेहतरी के लिए 32.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिजली घरों की क्षमता वृद्धि, ट्रांसफार्मर बदलने, सुरक्षा व्यवस्था व लाइनों के आधुनिकीकरण का काम कराया जाएगा। विभाग के अनुसार, जिले में 367 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए 12.89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 71 नए विद्युत ट्रांसफार्मर भी स्थापित किए जाएंगे। इनकी स्थापना पर 5.63 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे गर्मी के मौसम में ओवरलोड की समस्या से निजात मिलेगी। यह रह-रह कर होने वाले फाल्ट की समस्या में भी कम होगी।
बिजली घरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी काम किया जाएगा। इसमें जिले के 33 केवीए के 36 बिजली घरों में सुरक्षा, अर्थिंग व्यवस्था, वोल्टेज कंट्रोल और ऑटोमेटिक सिस्टम सहित तमाम उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए 2.67 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे तकनीकी दिक्कत होने पर तत्काल सूचना मिल जाएगी। जिससे समय रहते ठीक कराने के लिए काम किया जाएगा।
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तमकुहीराज बिजली घर पर लगेंगे 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर
तमकुहीराज बिजली घर में ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि किया जाएगा। यहां पांच एमवीए के लगे दो ट्रांसफार्मरों की जगह 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इस पर 60 लाख रुपये खर्च होंगे। गिदहा चक बैरिया बिजली घर में एक और पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इस पर 1.20 करोड़ खर्च होंगे। इसके अलावा हाईटेंशन लाइन के जर्जर तार बदलने के लिए 2.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
विद्युत विभाग के तकनीकी टीम का कहना है कि जर्जर तार बदलने, क्षमता वृद्धि और नए ट्रांसफार्मरों के स्थापित होने से लोगों को गर्मी में होने वाली परेशाानी से निजात मिलेगी। बार-बार होने वाली ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। विभागीय कर्मियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ जाती है। जबकि बुनियादी ढांचा वही रहता है,इसलिए आए दिन लोगों को बिजली की आपूर्ति के लिए दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं, लेकिन अब बुनियादी ढांचा में वृद्धि होने से परेशानी कम हो जाएगी।
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वर्जन:-
इस परियोजना का मुख्य मकसद उपभोक्ताओं को बिना किसी रूकावट के बिजली पहुंचाना है। बजट स्वीकृत हो चुका है। अगले कुछ दिनों के अंदर काम शुरू करा दिया जाएगा। गर्मी से पहले ही जमीन पर बुनियादी ढांचा में परिवर्तन व उसका बिजली आपूर्ति पर प्रभाव भी लोगों को दिखाई देगा। -राकेश मोहन, एसई, बिजली वितरण खंड, कुशीनगर
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बिजली उपभोक्ता बोले:-
हर साल गर्मी शुरू होते ही घंटों बिजली की कटौती और लो वोल्टेज का डर सताने लगती है। फ्रिज और कूलर शो पीस बनकर रह जाते हैं। विभाग सच में करोड़ों रुपये खर्च कर जर्जर तारों को बदलता है, तो यह लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। बस काम कागजों से निकलकर जमीन पर जल्द से जल्द पूरा हो। -लालजी प्रसाद, पडरौना शहर
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बाजार में जर्जर तार हमेशा हादसे को दावत देते हैं। बार-बार ट्रिपिंग की वजह से व्यापार प्रभावित होता है। जेनरेटर का खर्च मुनाफे को खा जाता है। नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने का फैसला बेहतर है। इससे निर्बाध लोगों को मिलेगी और कारोबार में गर्मी के मौसम में आसानी होगी।- सुशील मोदनवाल,पडरौना शहर
कसया की निर्माणाधीन बिजली घर।संवाद