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दया धर्म का मूल, कर्म को दें प्रधानता : आचार्य सुबोध

Mon, 16 Feb 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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जौरा बाजार में कथा सुनाते आचार्य सुबोध कांत कपिल।स्रोत-सोशल मीडिया
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जौरा बाजार। स्थानीय बाजार में श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को कथा वाचक ने दया और कर्मयोग की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि दया धर्म का मूल है। इसलिए लोगों को जीवन में कर्म को प्रधानता देनी चाहिए।
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कथा वाचक आचार्य सुबोध कांत कपिल ने कहा कि दया करने से पाप नष्ट होते हैं और हृदय निर्मल होता है। जो व्यक्ति हर परिस्थिति में गुण ग्रहण करता है, उसके चित्त में स्वयं भगवान निवास करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद नंद बाबा और माता यशोदा ने अन्न, धन और दो लाख गायों का दान किया। पूरा गोकुल उत्सव में डूब गया। भगवान शिव भी बालकृष्ण के दर्शन की अभिलाषा लेकर गोकुल पहुंचे। कथा वाचक ने पूतना वध समेत अन्य बाल लीलाओं की कथा विस्तार से सुनाई। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान पीएन सिंह व राजपति देवी ने व्यास पीठ की पूजन कर किया।
इस दौरान बालकिशन दास, बलिराम दास, डाॅ. डीके पाठक, डाॅ. नरेंद्र मोहन, डाॅ. स्नेहा कुमारी, डाॅ. विजयपाल सिंह, डाॅ. आनंद पाल सिंह, यशपाल सिंह, डाॅ. पुनीत सिंह, डाॅ. अजय सिंह, विकास सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शम्भू बरनवाल, बनारसी दास खरवार, कन्हैया लाल सरस, अंशुमान चतुर्वेदी, पंचदेव चौबे, विवेक उपाध्याय, रामेश्वर सिंह, शिवब्रत सिंह आदि मौजूद रहे।
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