दुदही। विशुनपुरा क्षेत्र के बैकुंठपुर कोठी घाट पर शनिवार की रात में करीब 8:0 बजे बांसी नदी के किनारे मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया। वहां भीड़ जुट गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग से नदी किनारे मुस्तैदी बढ़ाने और मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है।
मगरमच्छ दिखने से क्षेत्र के नौगांवा, बैकुंठपुर कोठी, जमुआन, सिकटीया, धोकारहा, बांसगांव, बिंदटोली, गौरी शुक्ल, पांडेय पट्टी और जमुनिया आदि गांवों में हड़कंप मच गया है। लोग बच्चों को नदी किनारे जाने से रोक रहे हैं। गांव के लोगों ने कहा कि मगरमच्छ अक्सर नदी किनारे चरने और पानी पीने आने वाले मवेशियों व इंसानों पर जानलेवा हमला कर देता है। क्षेत्र में पूर्व में भी मगरमच्छ के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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केस (1):- रामपुर जमुनिया निवासी ठग प्रसाद छह महीने पहले शौच के लिए नदी किनारे गए थे। मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया और उनका हाथ चबाना शुरू कर दिया। ठग प्रसाद ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को बमुश्किल बचाया। इनका इलाज अब भी चल रहा है।
केस (2):- आठ महीने पहले बांसगांव के पूर्व प्रधान भागवत निषाद के पुत्र धर्मेंद्र धोकरहा घाट पर मछली पकड़ रहे थे। मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया। शारीरिक रूप से मजबूत होने के कारण वे अपनी जान बचा सके।
केस (3):- मछली पकड़ने के दौरान मोतीलाल प्रसाद पर भी मगरमच्छ ने हमला किया। पहले पैर और फिर पेट पर पकड़ बनाने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाया।
केस (4):- मगरमच्छ कुछ दिन पहले अकलू व जहूर की दो-दो बकरियां, लचिया की एक बकरी और भैंस को शिकार बना चुका है। इसके अलावा नाव से नदी पार करते समय अजय सैनी और रामेश्वर समेत तीन लोगों पर भी हमला किया था। उन लोगों ने किसी तरह जान बचाई थी।