ढोलहा रेगुलेटर के पास दिखा मगरमच्छ, हड़कंप
कोटवा बाजार/मथौली। नेबुआ नौरंगिया इलाके में कई जगहों से जलस्तर कम होते ही मगरमच्छ दिखाई दे रहे हैं। इससे लोगों में भय बना हुआ है। बरवा रतनपुर, मड़ार विंदवलिया, बैकुंठी पुल, देवतहा बाली घाट के किनारे जलस्तर कम होते ही मगरमच्छों की हलचल बढ़ गई है। शुक्रवार को गंडक नहर के ढोलहा रेगुलेटर के पास एक मगरमच्छ दिखाई दिया। लोगों ने जब शोर मचाया तो वहां से नहर के रास्ते चला गया। इस संबंध में रेंजर अमित कुमार तिवारी ने बताया कि नदी व नहरों में मगरमच्छों की हलचल स्वाभाविक है। ऐसे में तटवर्ती इलाके के लोगों के बचाव के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए।
छोटी गंडक नदी के तटीय इलाकों के पास मगरमच्छ देखे जाने के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। हादसों को रोकने व ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की टीम ने संवदेनशील इलाकों को चिह्नित कर चेतावनी बोर्ड लगाने का अभियान शुरू कर दिया है।
नदी के घाटों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास बड़े-बड़े बोर्ड लगाए जा रहे हैं ,जिन पर मगरमच्छ की मौजूदगी व सावधानियों का जिक्र किया गया है। आसपास के लोगों को मुनादी कराकर जागरूक किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में वन विभाग की टीम ने अपनी पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से नदी किनारे व गहरे पानी के पास अकेले नहीं जाने, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को दूर रखने,मवेशियों को पानी पिलाने व नहलाने के लिए नदी के बिल्कुल पास ले जाने से बचने, सुबह तड़के और अंधेरा होने के बाद नदी तटों की ओर जाने से परहेज करने की अपील की है।
यह अभियान वन विभाग की टीम बीते बुधवार को राजपुर घाट पर मगरमच्छ दिखाई देने व फर्दहा के सेमरहिया घाट के पास बृहस्पतिवार को कुत्ते को निगलने के बाद शुरू किया गया है। हाटा रेंजर अमृता चंद सिंह ने बताया कि टीम राजपुर खास, मुड़िलाहरपुर, दुबौली व अथरहा घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाया जा रहा है। मगरमच्छ की हलचल पर सतर्क होकर विभाग को जानकारी देने की जरूरत है ताकि हादसों से लोगों को बचाया जा सके।