पडरौना। शुक्रवार की शाम आंधी-बारिश ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तबाही मचाई। रामकोला क्षेत्र के राजपुर सेमरा में एक विशाल पेड़ फूस के घर के ऊपर गिरने से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उसकी सास को डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
इसके अलावा कई गांवों में आंधी-बारिश से नौ महिलाओं सहित 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उनमें पांच महिलाओं की हालत चिंताजनक होने के कारण डॉक्टर ने रेफर कर दिया। परोरहा में सड़क पर ही विशाल पेड़ गिर जाने से कप्तानगंज-रामकोला मार्ग पर करीब तीन घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
इसके अलावा कप्तानगंज, सेवरही और नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में भी आंधी-बारिश से नुकसान हुआ है। वहीं दुबौली गांव में बिजली गिरने से पीपल का पेड़ झुलस गया तथा पेड़ से कुछ दूरी पर बांधी गई एक गाय भी झुलस गई।
आंधी-बारिश के कारण रामकोला क्षेत्र के राजपुर सेमरा निवासी रशीद के घर पर पेड़ गिर गया, जिसमें दबने से उनकी 25 वर्षीय पत्नी रेहाना खातून की मौत हो गई। वह गर्भवती थीं, जबकि उनकी मां मैमुन उम्र 55 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गईं, उन्हें रामकोला सीएचसी पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
तहसीलदार हाटा बृजेश कुमार मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों का हाल जाना। इसी तरह आंधी-बारिश में घिरकर बड़ा बनकटा परवरपार के मंजीत की 25 वर्षीय पत्नी गीता देवी, धनौजी खास की कुसुमावती उम्र 45 वर्ष, अमवा मंदिर गांव के ऐनुल की 13 वर्षीय पुत्री फातमा खातून, कुसम्हा पूरबपट्टी की 60 वर्षीय राजदेई, कुसम्हा की 65 वर्षीय शहीदुन नेशा घायल हो गईं।
इसी प्रकार बरठा गांव के दंपत्ति 45 वर्षीय हीरालाल प्रजापति और उनकी पत्नी विमला देवी, उर्दहा दुबौली की 50 वर्षीय सिरजावती देवी, रामकोला बलुआ की 50 वर्षीय निर्मला देवी और बसंतपुर की 65 वर्षीय बरसाती देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इन सभी को रामकोला सीएचसी पहुंचाया गया, जहां गीता देवी, बरसाती देवी, विमला देवी, निर्मला देवी और सिरजावती देवी की हालत चिंताजनक देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
इस आंधी-बारिश के दौरान दर्जनों पेड़ घरों, दुकानों और तारों और हाइडिल में भी गिर गए। इस वजह से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। परोरहा में सड़क पर ही विशाल पेड़ गिर जाने से रामकोला-कप्तानगंज मार्ग पर लगभग तीन घंटे तक आवागमन बाधित रहा। इस मार्ग पर तीन जगह पेड़ गिरे थे।
इसके अलावा मोरवन गांव में कैलाश यादव की लग्जरी गाड़ी पर शेड गिर जाने से गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
रामकोला सीएचसी में इलाज के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों में अफरातफरी की स्थिति बनी रही, लेकिन कोई सक्षम अधिकारी वहां नहीं पहुंचा था। पिपरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव में शुक्रवार की शाम आंधी-बारिश के दौरान तेज आवाज के साथ बिजली गिरने से गांव में स्थित पीपल का एक पेड़ दो हिस्सों में बंट गया और झुलस गया।
पेड़ से कुछ दूरी पर नाद पर बांधी गई वीरेंद्र तिवारी की गाय भी झुलस गई। पडरौना और आस-पास के इलाकों में आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि तेज धूप से लोगों को थोड़ी देर के लिए राहत मिली, लेकिन बादल गरजने के बावजूद बारिश न होने से लोगों को निराशा हुई।
विशुनपुरा, कसया, तमकुहीराज और कप्तानगंज सहित कई क्षेत्रों में बारिश हुई।
तमकुहीरोड एवं सेवरही प्रतिनिधि के मुताबिक शुक्रवार की शाम नगर पंचायत सेवरही के कई वार्डों में बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया। खाद, किराना, नमक सहित कई गोदामों में बारिश का पानी घुसने से लोग परेशान हैं। उन्हें बाल्टी लेकर दुकानों से पानी निकालना पड़ रहा है। कस्बे के लल्लन ब्याहुत, संदीप, सोनू, राजेश, धर्मनाथ, नंदकिशोर गुप्ता का कहना है कि जलनिकासी का सही प्रबंध न किए जाने से ऐसी नौबत आई है।
सभासद लव जायसवाल, अमरचंद जायसवाल, संतोष वर्मा, समसुल हक, रंजन जायसवाल, गोविंद का आरोप है कि नगर पंचायत का धन तमकुही, सेवरही और दुदही ब्लॉक के गांवों में खपाया जा रहा है। यदि उसका सदुपयोग होता तो कस्बेवासियों को जलभराव का सामना नहीं करना पड़ता।