कुशीनगर। पुलिस की सक्रियता से जिले की नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया। पुलिस करीब एक महीने से पडरौना से अगवा की गई एक किशोरी की तलाश कर रही थी। सर्विलांस के सहारे पुलिस टीम ने जब किशोरी को खोजा तो बड़े अपराध का पर्दाफाश हो गया।
एसपी दीपक कुमार भट्ट ने बृहस्पतिवार को गिरोह के चारों बदमाशों को प्रेस वार्ता में पेश किया। उन्होंने बताया कि पडरौना के एक व्यक्ति ने नौ सितंबर को अपनी 12 वर्षीय पुत्री के अपहरण की सूचना दी थी। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद टीम गठित की और सर्विलांस सेल की मदद से विवेचना में जुट गई।
टीम को किशोरी के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के कोहरवलिया गांव में होने की सूचना मिली। जिस पर छह अक्टूबर की सुबह पुलिस ने वहां दबिश दी और किशोरी को बरामद कर लिया। उससे मिली जानकारी के बाद गिरोह के चारों लोग पकड़ लिए गए।
एसपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गैंग बनाकर नाबालिग लड़कियों को बहलाकर उनसे अनैतिक संबंध बनाते थे। उनसे कुछ दिन तक क्षेत्र में ही देह व्यापार कराने के बाद दूसरे प्रांतों में बेच देते हैं।
पकड़े गए आरोपी रामप्रवेश, राजेश चौहान व जवाहिर प्रसाद निवासी जंगल विशुनपुरा, पडरौना कोतवाली और कैलाश चौधरी राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ का रहने वाला है। पुलिस ने चारों के खिलाफ गैंगेस्टर, बहलाने फुसलाने, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अनैतिक व्यापार कराने के आरोप में केस दर्ज किया है।
इस गिरफ्तारी में पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राय साहब यादव, एसआई शिवमनोहर यादव, राजेश कुमार मौर्य, कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, मोहन गुप्ता और सर्विलांस सेल के अमित सिंह शामिल थे। इस सफलता पर एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।