क्षेत्र के बंजारीपट्टी स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को गांववालों ने शनिवार की रात बोरे में भरकर सरकारी किताब चोरी से ले जाते हुए पकड़ा। गांववालों ने उसे यूपी 100 पुलिस को सौंप दिया। लोगों का आरोप है कि विभागीय मिलीभगत से सरकारी किताबें बेची जा रही हैं। पुलिस छानबीन में जुटी है।
ब्लॉक संसाधन केंद्र से सेवानिवृत्त एक कर्मचारी सरकारी किताबें बोरे में भरकर शनिवार की रात साइकिल से खड्डा-सिसवा मार्ग पर जा रहा था। चोरी-छिपे इन पुस्तकों को ले जा रहे व्यक्ति को गांववालों ने पकड़ लिया और हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि परिषदीय विद्यालयों की ये पुस्तकें बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं मिल रही हैं, लेकिन उन्हें चोरी-छिपे बाजार में बेचा जा रहा है। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान मंजूर अली ने यूपी 100 पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस उन पुस्तकों को थाने ले गई और छानबीन शुरू कर दी। भाजपा नेता डॉ. निलेश मिश्र ने आरोप लगाया कि गरीब छात्रों के लिए आई पुस्तकों की बिक्री में खंड शिक्षाधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मामले को वह बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे।
इस संबंध में खड्डा थाने के एसओ गजेंद्र राय का कहना है कि यूपी 100 की पुलिस आरोपी व्यक्ति को सरकारी पुस्तकों के साथ लेकर आई थी। इस मामले की जांच की जा रही है।