सेवरही। एक दिसंबर को मतदान खत्म होने के बाद बिरवट कोन्हवलिया गांव में पोलिंग पार्टी पर हमला और मतपेटियां लूटने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। घटना का मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस घटना से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में है। बृहस्पतिवार को एक आरोपी की झोपड़ी भी जल गई। गांव वालों का आरोप है कि पुलिस ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस पर गांव में दबिश के दौरान कुछ लोगों के घरों में तोड़फोड़ करने का आरोप भी लगाया है। मंगलवार की घटना में घायल एसएसबी के जवान और बस चालक की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस गांव में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना से इंकार कर रही है। तरयासुजान थानाक्षेत्र के बिरवट कोन्हवलिया गांव में पोलिंग पार्टी पर हमला करने, पोलिंग पार्टी की बस पर पथराव और मतपेटियां लूटने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने 300 अज्ञात लोगाें के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। नाराजगी व्यक्त करने वाले लोगों का आरोप था कि मतपेटियां बिना सील किए ही मतदान कर्मी ले जा रहे थे। उस घटना का मुख्य आरोपी बबुंदर निषाद फरार बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार को उसकी झोपड़ी भी जल गई।
उसके घरवालों का आरोप है कि झोपड़ी पुलिस की तरफ से जलाई गई है। इधर पुलिस ने घटना से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। मंगलवार की शाम को पथराव में घायल एसएसबी के जवान और बस चालक का इलाज गोरखपुर में चल रहा है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
दोनों पक्षों से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। निषाद एकता परिषद के जिलाध्यक्ष जयसिंह निषाद ने पुलिस पर ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की है।
इस संबंध में तरयासुजान के थाना प्रभारी सुजीत कुमार राय का कहना है कि गांववालों की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। जिनकी झोपड़ी जली है, उनके खिलाफ पहले से केस दर्ज है। 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 300 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज है। उनकी तलाश की जा रही है।