बृहस्पतिवार शाम करीब सवा चार बजे शाहजहांपुर स्टेशन से रोजा की ओर जाने वाले ट्रैक पर रोडवेज फाटक के पास हावड़ा को जा रही उपासना एक्सप्रेस की टक्कर से ठेले के परखच्चे उड़ गए। उस पर शेड वाले टिन के बड़े टुकड़े लदे हुए थे, जो ट्रेन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके परखच्चे की चपेट में आकर ट्रैक पार करने के लिए किनारे खड़ीं थल सैनिक की मां शारदा देवी (62) घायल हो गईं। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल भेजवाया गया। हादसे में हौज पाइप कट जाने से यह ट्रेन घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर गोविंदगंज रेलवे ओवरब्रिज के पास रुक गई। करीब 15 मिनट बाद प्रेसर सही कर दिए जाने पर ट्रेन आगे रवाना हो सकी।
हादसे के बाद ठेले के उड़े परखच्चे को देखने को आसपास से बड़ी संख्या में लोग जुटे। उसी दौरान हादसे वाले ट्रैक पर हावड़ा को जाने वाली पंजाब मेल भी काफी धीमी गति से गुजरी तो थोड़ी देर तक और अफरातफरी की स्थिति रही। प्रत्यक्षदर्शियों और रोडवेज रेलवे फाटक के पास के दुकानदारों ने बताया कि लाल इमली चौराहे की ओर से ठेले वाला ठेले पर टिन शेड लादे हुए आया, लेकिन तभी रनथ्रू ट्रेन 12356 उपासना बरेली की ओर से जा रही थी। फाटक बंद करने के लिए बैरियर गिरना शुरू हुआ तो ठेले वाला इमली रोड की ओर से बैरियर गिरने से पहले ट्रैक ओर ठेले समेत आगे बढ़ गया, लेकिन उधर रोडवेज वाला बैरियर गिर चुका था। रिक्शे वाले और दुपहिया वाहन वाले तो आड़े-तिरछे होकर फाटक पार कर गए। अब कोई रास्ता न सूझने पर ठेला चालक वहां से भाग निकला। पूरे गति से गुजर रही ट्रेन की टक्कर से रिक्शा पूरे टिन के साथ करीब 200 मीटर तक रगड़ खाते हुए एक ओर को छिटका। एसओ जीआरपी जयशंकर सिंह ने बताया कि इसी रगड़ के क्रम में ट्रेन का हौज पाइप क्षतिग्रस्त हो गया। रगड़ खाते टिन के चपेट में आईं शारदा देवी के साथ उस समय उनका छोटा बेटा गौरव मौजूद था। बाद में सूचना पाकर सेना में तैनात बड़ा बेटा ज्ञानेंद्र जिला अस्पताल पहुंचा और अपनी मां को मिलिट्री हास्पिटल में शिफ्ट करवाया।