कुशीनगर/खड्डा। सीमावर्ती बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल दो के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के भेड़िहारी वन परिसर के जंगल में एक गैंडे की मौत संदिग्ध हाल में हो जाने से खलबली मच गई। सूूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई।
वन प्रमंडल दो के डीएफओ गौरव ओझा ने बताया कि बुधवार को वनकर्मियों की टीम गश्त पर निकली थी। दोपहर बाद भेड़िहारी जंगल में कक्ष संख्या 26 में रोहुआ नाले के पास एक गैंडा मृत अवस्था में पड़ा था। इसकी जानकारी होते ही वन सह क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय व वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। डीएफओ ने बताया कि नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के जंगल से भटक कर तीन गैंडे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल में भ्रमण कर रहे थे। इसमें से एक गैंडा कुछ दिन पहले नेपाल चला गया। बचे दो वाल्मीकि टाइगर रिजर्व व यूपी के सोहगीबरवा क्षेत्र में विचरण कर रहे थे। निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम को लगाया गया था। गैंडे की मौत मामले की गहन जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। गैंडे के अवशेष को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि गैंडे की मौत कैसे और किस कारण हुई है। घटना की सूचना पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ प्रबंधक कमलेश मौर्या, गोनौली वन क्षेत्राधिकारी अवधेश प्रसाद सिंह वनपाल सत्येंद्र सिन्हा, विजय कुमार पाठक भी पहुंच गए थे। गैंडे के शव का पशु चिकित्सक एसबी रंजन, राकेश कुमार सिंह एवं डॉक्टर राजीव रंजन ने पोस्टमार्टम किया।