पटहेरवा। एनएच के किनारे भोर में शौच के लिए गईं सास-बहू किसी वाहन की चपेट में आ गईं। गंभीर रूप से घायल सास-बहू को फाजिलनगर सीएचसी लाया गया। वहां से रेफर होने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय सास की मौत हो गई, जबकि बहू का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हाईवे के किनारे स्थित रजवटिया गांव की दलित बस्ती के सूरत प्रसाद की 50 वर्षीय पत्नी दुर्गावती और उनके पुत्र ओमप्रकाश की 25 वर्षीय पत्नी प्रीति नित्य की भांति मंगलवार की भोर में करीब चार बजे शौच के लिए गई थीं। गांव के सामने फोरलेन पर तमकुहीराज की ओर से तेज रफ्तार में आया वाहन सड़क के किनारे खड़ीं दोनों महिलाओं को चपेट में ले लिया और चला गया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं।
चीख सुनकर गांव के कुछ लोग दौड़ कर मौकेपर पहुंचे तो दोनों लहूलुहान होकर सड़क पर छटपटा रही थीं। लोगों ने जैसे-तैसे उन्हें फाजिलनगर सीएचसी पहुंचाया, जहां दुर्गावती की हालत चिंताजनक देख डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिवार के लोग उन्हें लेकर अभी रास्ते में ही थे कि दुर्गावती की मौत हो गई। कुछ देर बाद प्रीति की हालत भी बिगड़ने लगी। डॉक्टर ने उसे भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है। पटहेरवा थाने के प्रभारी एसओ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
15 दिनों में हादसों में छह लोगों जा चुकी है जान
पटहेरवा। हाईवे पर लगातार बढ़ रहे हादसे से लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं। 15 दिनों में छह लोगों की जान जा चुकी है। रजवटिया गांव के सामने हाईवे पर हाटा कोतवाली क्षेत्र के राजकुमार की 15 दिन पहले क्रॉसिंग पर सड़क पार करते समय किसी वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। जबकि बगही निवासी मोरवानी खातून की मौत भी 29 सितंबर को सड़क पार करते समय हो गई थी। लबनिया चौराहे के पास 29 सितंबर को हुई दुर्घटना में बाइक सवार मनोज गिरी, ओमप्रकाश कुशवाहा व गोविंद पासवान की मौत हो गई। क्षेत्र के विजय सिंह, संजय राव, सच्चिदानंद कुशवाहा, अलिउल्लाह, पप्पू सिंह, पीसी गुप्ता, विनय तिवारी ने बताया कि जगह-जगह क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बना होता तो लोगों को सड़क पार करने में जान नहीं गंवानी पड़ती।